मौका भी था और दस्तूर भी। वाल्मीकि समाज की ओर से स्वागत का अवसर था तो आजम ने अपने संबोधन में मुद्दा भी वाल्मीकि बस्ती ही रखा। नगर विकास मंत्री आजम खां ने अपने स्वागत के उपरांत बोले- अवाम की भलाई के लिए सड़क का चौड़ीकरण जरूरी है। किसी का घर गिरे यह कभी नहीं चाहा। सड़क से सभी का भला होगा। जमीन की कीमत कई गुना बढ़ जाएगी। फिर भी सड़क निर्माण में किसी एक घर गिरता है तो उसे दो घर दिलाऊंगा।
नगर विकास मंत्री ने मंच से ही सुझाव दिया कि वाल्मीकि बस्ती को लेकर पांच लोगों की कमेटी बना ली जाए। यह कमेटी जो भी जायज फैसला लेगी वो माना जाएगा। नगर विकास मंत्री आजम खां रविवार को अखिल भारतीय वाल्मीकि महामंच के स्वागत समारोह में बोल रहे थे।
स्वागत समारोह में शामिल वाल्मीकि समाज के लोगों को उन्होंने यह समझाने की कोशिश की, कि वह उनका बुरा नहीं चाहते है। वह उन्हें अपना अजीज मानते हैं। वाल्मीकि बस्ती के मुद्दे पर आजम खां ने कहा कि वो नहीं चाहते थे किसी का घर टूटे। अवाम की भलाई के लिए सड़क चौड़ी कराना चाहते है। वादा किया कि अगर किसी का एक घर गिरेगा तो उसे दो घर बनवा दिए जाएंगे।
वाल्मीकि समाज को सुझाव दिया कि पांच लोगों की कमेटी बना लें। कमेटी जो भी जायज फैसला करेगी वो माना जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की मंशा पूरी नहीं होने दी जाएगी जो वाल्मीकि समाज का सहारा लेकर शहर का माहौल खराब करना चाहते हैं। पिछली घटना का जिक्र करते हुए कहा कि टोपी लगाकर अल्लाह-ओ-अकबर के नारे लगाने वाले समाज के हितैषी नहीं थे, बल्कि समाज के वो चंद लोग थे जो अपने फायदे के लिए शहर में दंगा कराना चाहते थे।
आजम खां ने वाल्मीकि समाज के पढ़े लिखे युवाओं का आह्वान किया कि समाज के लोगों में जाकर गलत फहमी दूर करें। इस मौके पर राज्यसभा सदस्य मुनव्वर सलीम और तनीज फात्मा, अल्पसंख्क आयोग के पूर्व सदस्य नसीर अहमद खां, एमएलसी घनश्याम सिंह लोधी, पूर्व विधायक अफरोज अली खां, जिला पंचायत अध्यक्ष लाखन सिंह, जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन सलीम कासिम, नगर पालिका के चेयरमैन अजहर खां, मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां शानू, आसिम राजा, जुगल किशोर वाल्मीकि भी थे।