निजी स्कूलों की मनमानी रोकने को व्यापार कर विभाग ने पहल की है। व्यापार कर विभाग अब स्कूलों में सिलेबस बेचने वाले प्रबंधकों पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए छापेमारी की जाएगी। साथ ही विभाग की ओर से हैल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है,जिसके माध्यम से कोई भी अभिभावक अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।
निजी स्कूल लगातार मनमानी पर हैं। सरकार की सख्ती का भी कोई असर नहीं दिख रहा है,जिसकीवजह से अभिभावकों की जेब कट रही है। हालत यह है कि स्कूलों में किताबें बेचे जा रही हैं। सरकार ने ऐसे स्कूलों को अब टिन नंबर देने के आदेश व्यापार कर विभाग को दिए हैं। यानि स्कूल भी व्यापार कर के दायरे में आ जाएंगे और उनसे भी टैक्स वसूला जाएगा। स्कूल अब तक अभिभावकों को खुलेआम चूना लगा रहे थे और टैक्स बचाकर अपनी जेब भारी करने में लगे थे।
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सरकार के आदेश के बाद अब व्यापार कर विभाग एक्टिव हो गया है। व्यापार कर विभाग ने ऐसे स्कूलों को चिहिंत करना शुरू कर दिया है जहां पर सिलेबस व स्टेशनरी बेची जा रही है। इन स्कूलों पर अब छापेमारी कर इनको टिन नंबर दिया जाएगा साथ ही कार्रवाई भी होगी। अभिभावकों को राहत देने के लिए व्यापार कर विभाग ने हैल्प लाइन नंबर भी जारी किया है।
उधर, शुक्रवार को अपना कार्यभार ग्रहण करने वाले नवागंतुक जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी वे भी स्कूलों में दुकान के प्रति कड़ा रुख दिखाया है। उन्होंने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष बल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में अभिभावकों से ली जा रही मनमानी फीस पर भी नकेल डाली जाएगी।