रामपुर। विश्व कैंसर जागरूकता दिवस पर सीआरपीएफ समूह केंद्र स्थित 239 बटालियन में जवानों को कैंसर से बचाव की जानकारी देने के लिए गोष्ठी का आयोजन किया गया।
आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. कुलदीप चौहान ने कहा कि तंबाकू, पान, सुपारी, पान मसालों एवं गुटकों के सेवन से मुंह, जीभ, खाने की नली, पेट, गले, गुर्दे और अग्नाशय (पेनक्रियाज) का कैंसर होता है। जबकि महिलाओं में कैंसर अधिक गर्भपात होने अथवा कराने से ज्यादा बच्चे होने और कम या अधिक आयु में मां बनने से हो सकता है। स्तन का कैंसर स्तनपान न कराने अधिक आयु में मां बनने एवं चोट लगने जैसे कारण हो सकते है। उन्होंने कहा कि कैंसर के 40 से 50 फीसदी मामलों को जीवनशैली में बदलाव कर इसके प्रभाव को रोका जा सकता है। 10 से 20 प्रतिशत कैंसर की रोकथाम स्वयं का निरीक्षण या अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देकर किया जा सकता है। अगर कैंसर का पता शुरुआती दौर में लग जाए तो इससे मुक्ति पाना संभव है। डॉ. वागेश त्रिपाठी ने कहा कि कैंसर को लोगों ने अपने जीवन में बड़ा हौवा बना लिया है। जबकि सच तो यह है कि इससे अब डरने की ज्यादा जरूरत नहीं है। केवल सही जानकारी के साथ जागरूक रहते हुए इस बीमारी के कारणों से बचाव कर इसे रोका जा सकता है। इस दौरान उप कमांडेंट जय शंकर सहायक कमांडेंट धीरज राय आदि मौजूद रहे।