शाहबाद (रामपुर)। महिला का धर्म परिवर्तन कराने वाले और निकाह कराने वाले इमाम की अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। जबकि विवेचना के दौरान पुलिस ने प्रकरण में दो और आरोपियों के नाम शामिल किए हैं।
उत्तराखंड के बाजपुर निवासी ट्रक चालक की उत्तराखंड के जसपुर में सड़क हादसे में बीते आठ मई को मौत हो गई थी। इसके बाद शाहबाद कोतवाली क्षेत्र के बैरुआ गांव निवासी ट्रक चालक महफूज ने मृतक दोस्त की विधवा पत्नी का धर्म परिवर्तन करवा कर उससे निकाह कर लिया था। महिला के संग आए बारह और दस वर्षीय बच्चों का भी धर्म परिवर्तन करवाते हुए उनकी खतने करवा दी थी।
इस प्रकरण में पुलिस ने 13 जून कोरिपोर्ट दर्ज कर अपनी कार्रवाई शुरू कर दी थी। इस प्रकरण में पुलिस ने मुख्य आरोपी की मां औरपिता व खतने करने वाले व्यक्ति को जेल भेज दिया था। बाद में इस प्रकरण में मुख्य आरोपी महफूज और निकाह पढ़ाने वाले इमाम की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही थी। लेकिन दबिशों के बावजूद भी मुख्य आरोपी महफूज पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका था।
महफूज ने 21 जून को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया था। इसके बाद प्रकरण के दूसरे आरोपी इमाम मोहम्मद रेहान ने भी कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी। इस याचिका को कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया है। जबकि विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी महफूज के चाचा आशकार और एक अन्य व्यक्ति अख्तर का नाम भी बढ़ा दिया है। वहीं सीओ मिलक, श्रीकांत प्रजापति ने कहा कि कोर्ट ने इमाम रेहान की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज कर दी है। इस प्रकरण में दो नाम और बढ़ाए गए हैं।