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स्वार में एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल समेत दो लोगों रिश्वत लेते किया गिरफ्तार

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स्वार (रामपुर)। विरासत दर्ज करने के नाम पर रिश्वत मांगे जाने की शिकायत पर एंटी करप्शन की टीम ने गुरुवार को स्वार तहसील में छापा मारा। टीम ने एक लेखपाल और कम्प्यूटरीकृत खतौनी कक्ष के ऑपरेटर को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही टीम ने किसान से ली गई रिश्वत के तीन हजार रुपये भी बरामद किए हैं। एंटी करप्शन टीम की ओर से स्वार कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। इस कार्रवाई से तहसील में हड़कंप मचा हुआ है।
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तहसील क्षेत्र के लोहर्रा इनायतगंज निवासी गुरताज सिंह पुत्र जसवीर सिंह ने एंटी करप्शन मुरादाबाद कार्यालय में शिकायत की थी कि उसके पिता जसवीर सिंह की मौत के बाद विरासत दर्ज करने के नाम पर लेखपाल द्वारा रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसके पिता की मृत्यु एक मार्च 2021 को हो चुकी है। समस्त औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद विरासत दर्ज करने में लेखपाल दिवाकर राणा द्वारा परेशान किया जा रहा है।
किसान का आरोप है कि लेखपाल ने विरासत दर्ज कराने के एवज पांच हजार रुपये की मांगे, लेकिन तीन हजार रुपये में विरासत दर्ज करने की बात तय हो गई। किसान की शिकायत मिलने पर एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर नवल मारवाह के नेतृत्व में टीम बनाई गई। टीम में इंस्पेक्टर राखी व मोहम्मद इश्तियाक, विजय कुमार व कृष्णपाल शामिल रहे। इसके अलावा जिलाधिकारी रामपुर ने अपर सांख्ययिकी अधिकारी सहित दो अधिकारियों को भी शामिल किया।
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टीम ने गुरुवार को दोपहर लगभग बारह बजे तहसील पहुंचकर कंप्यूटरीकृत खतौनी कक्ष में छापामारी की। यहां लेखपाल दिवाकर राणा और कंप्यूटर ऑपरेटर राजेश को हिरासत में ले लिया गया। एंटी करप्शन टीम ने किसान से ली गई रिश्वत के तीन हजार रुपये भी बरामद किए। पांच-पांच सौ के छह नोट के रूप में रिश्वत की रकम बताई गई है। भीड़ जुटने से पहले ही एंटी करप्शन की टीम दोनों आरोपियों को अपनी गाड़ी में बैठाकर कोतवाली ले गई। कई घंटे की पूछताछ के बाद टीम ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया।
टीम और आरोपियों के बीच हुई नोकझोंक
स्वार। सादा वर्दी में आई एंटी करप्शन की टीम को लेखपाल और कंप्यूटर ऑपरेटर पहचान नहीं पाए। जब टीम ने उन्हें उठकर साथ चलने को कहा तब लेखपाल ने हेकड़ी दिखाना शुरू कर दी और तू-तड़ाक की। इसके चलते जब टीम के इंस्पेक्टर ने अपना परिचय दिया तो लेखपाल और दूसरा आरोपी पसीना-पसीना हो गया।
लेखपाल और शिकायतकर्ता के चाचा में तकरार
स्वार। साथी लेखपाल के गिरफ्तार होने की सूचना पर लेखपाल संघ से जुड़े लेखापाल कोतवाली पहुंच गए। लेखपालों ने एंटी करप्शन की टीम की कार्रवाई को यह कहते हुए गलत बताया कि लेखपाल को साजिश के तहत फंसाया गया है। लेखपाल संघ के अध्यक्ष सहित अन्य लेखपालों का कहना है कि वह उत्पीड़न के खिलाफ अपनी शिकायत अधिकारियों के बीच रखेंगे। इस दौरान एक लेखपाल की शिकायतकर्ता के चाचा से तकरार भी हो गई। लेखपाल और किसान ने एक-दूसरे को हड़काया। मौजूद लोगों ने किसी तरह दोनों को शांत कराया।
लेखपाल संघ बोला, सीसीटीवी फुटेज खंगालें
स्वार। लेखपाल संघ के अध्यक्ष संतोष ठाकुर का कहना है कि कम्प्यूटरीकृत कक्ष में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। लेखपाल के पास से कोई पैसा बरामद नहीं किया गया है। यह तथ्य कैमरों की फुटेज से देखा जा सकता है। अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि उनके साथी लेखपाल के साथ एंटी करप्शन की टीम ने मारपीट की है।
-एक दिन पहले किसान द्वारा शिकायत की गई थी कि विरासत दर्ज करने के नाम पर लेखपाल द्वारा रिश्वत मांगी जा रही है। इसके चलते टीम ने छापा मारा और लेखपाल व उसके साथी प्राइवेट कर्मी से किसान से ली गई रिश्वत बरामद कर ली है। मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोपियों को शुक्रवार के दिन न्यायालय में पेश किया जाएगा। -नवल मारवाह, इंस्पेक्टर, एंटी करप्शन।
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