दढ़ियाल। गन्ने की पर्चियां न मिलने पर भारतीय किसान यूनियन के साथ मिलकर क्षेत्रीय किसान मंगलवार को त्रिवेणी चीनी मिल मिलक नरायनपुर के गेट पर धरने पर बैठ गए। किसानों का आरोप था कि मिल द्वारा किसानों को समयानुसार पर्ची नहीं दी जा रही हैं, जिससे किसान अपना गन्ना सस्ते दामों पर बाहर बेचने को मजबूर हैं। गन्ना समिति सचिव के पहुंचने पर किसानों और मिल अधिकारियों के बीच वार्ता हुई, जिसमें इंडेंट बढ़ाकर काटने के आश्वासन पर किसान राजी हुए और धरना समाप्त हुआ। किसानों ने ज्ञापन मिल अधिकारियों और गन्ना सचिव को संयुक्त रूप से सौंपा।
मंगलवार सुबह दस बजे भारतीय किसान यूनियन टिकैत के तहसील अध्यक्ष साबिर अली के नेतृत्व में कई गांवों के किसान चीनी मिल के गेट पर एकत्र हुए और धरने पर बैठ गए। किसानों का कहना था कि गेहूं बुवाई का समय निकला जा रहा है, जबकि मिल द्वारा पर्ची न मिलने से किसान अपना खेत खाली नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने मिल प्रबंधन और गन्ना विभाग पर समयानुसार पर्चियां जारी न करने का आरोप लगाया। इस दौरान मिल के अपर महाप्रबंधक गन्ना संजय त्यागी और सहायक महाप्रबंधक गन्ना लवकुश चौहान किसानों के बीच पहुंच गए।
उन्होंने किसानों को पिछले दिनों काटे हुए इंडेंट को दिखाते हुए समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने। बाद में गन्ना समिति सचिव स्वार वेदप्रकाश उपाध्याय भी मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद किसानों, मिल अधिकारियों और गन्ना सचिव के बीच बैठकर वार्ता हुई।
वार्ता में मिल अधिकारियों और गन्ना समिति सचिव द्वारा किसानों को सभी क्षेत्रों का गन्ना इंडेंट बढ़ाकर काटने का आश्वासन दिया, जिस पर किसान मान गए और ज्ञापन सौंपकर धरना समाप्त कर दिया गया। धरने में अजित सिंह, पलविंदर सिंह, चंद्रपाल सिंह, संजय कुमार, लवी चौधरी, नरेश सिंह, जब्बार, इकबाल हुसैन, निसार अहमद, सुखवीर सिंह, सुभाष सिंह, मोहम्मद इमरान, कुलवंत सिंह आदि किसान मौजूद रहे।