शराब को लेकर सुलग रही चिंगारी कभी भी आक्रोश का बम बनकर फूट सकता है। लोगों में गुस्सा छाया हुआ है लेकिन बस्तियों में शराब की दुकान नहीं हटाई जा रही हैं। आबकारी विभाग के इंकार के बाद आक्रोश का बम कहीं भी कभी भी फूट सकता है। कुल मिलाकर शराब की दुकानों को लेकर कानून व्यवस्था को भी खतरा बना हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रामपुर में भी हाईवे से शराब की दुकानों को हटाया गया था। तमाम इलाको में स्थित शराब कीदुकानें हाईवे से हटकर बस्तियों में शिफ्ट कर दी गई थीं,जिसको लेकर पहले से ही आक्रोश छाया हुआ है। इस बीच पुरानी दुकानों को हटाने की मांग को लेकर वबाल शुरू हो गया है। शराब की दुकानें हटाने की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से बवाल चल रहा है।
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इसी क्रम में अजीतपुर की शराब की दुकान भी विवाद में आ गई है। लोगों की मानें तो यह शराब की दुकानें बस्तियों में होने की वजह से दिक्कत हो रही है। हालांकि आबकारी विभाग नियम कायदों के मुताबिक ही शराब की दुकान खोलेजाने की बात कह रहा है।
जिन दुकानों को लेकर विवाद खड़ा हो रहाहै वहां के लोगो में गुस्सा छाया हुआ है। घाटमपुर, माला सिनेमा रोड और अजीतपुर में शराब की दुकानों को हटाने को लेकर आंदोलन शुरू हो चुका है। आबकारी विभाग के अफसरों के इंकार केबाद आक्रोश का बम कभी भी फट सकता है।