रामपुर। चेंबर तोड़े जाने को लेकर वकीलों में उबाल है। बार एसोसिएशन ने चेंबर तोड़कर कोर्ट रूम बनाए जाने के फैसले के खिलाफ शुक्रवार को एक बार फिर आपात बैठक बुलाई है। बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी। घोषणा की गई यदि चेंबर तोड़े गए तो वकील बड़ा आंदोलन करेंगे।
न्याय विभाग की ओर से 28 जनवरी को एक आदेश जारी कर यह जानकारी दी गई थी कि वकीलों के चेंबर को ध्वस्त कर यहां पर कोर्ट भवन बनाया जाना है। इसलिए सभी अधिवक्ता अपना सामान समेट लें। इस जानकारी के बाद वकीलों में खलबली मच गई है। वकीलों ने चेंबर तोड़े जाने का विरोध जताना शुरू कर दिया है। इसको लेकर वकीलों ने हाईकोर्ट व जिला जज के साथ ही मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा था। इसके साथ ही बार काउंसिल के चेयरमैन से भी सहयोग मांगा हैा। बृहस्पतिवार को इस मामले में बार एसोसिएशन व लायर्स एसोसिएशन की संयुक्त बैठक हुई,जिसमें कहा कि बार सभागार में शुक्रवार को दोपहर तीन बजे सभी सदस्यों की बैठक बुलाई गई है,जिसमें आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने सभी वकीलों से इस बैठक में शामिल होने की अपील की है। चेतावनी दी कि चेंबर को तोड़ने नहीं दिया जाएगा। वकील एक जुट होकर आंदोलन करेंगे। आपात बैठक की जानकारी मिलने के बाद पुलिस व प्रशासनिक अमला एक्टिव हो गया है। प्रशासन की नजर वकीलों की गतिविधियों पर टिक गई है। खुफिया विभाग को भी सक्रिय कर दिया गया है। अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सतनाम सिंह मट्टू व संचालन महासचिव कौशलेंद्र सिंह ने किया। इस मौके पर लायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सिराज अहमद खां, महासचिव दिनेश चंद्र चौरसिया, संजीव यादव, जाहिद अली, रईस अहमद, राहुल गुप्ता, अरविंद सैनी मौजूद रहे।
चेंबर टूटने से 500 वकील होंगे प्रभावित
12 कक्ष के नए कोर्ट रूम के निर्माण के लिए वकीलों के चेंबर तोड़े जाने हैं। इस तरह चेंबर टूटने से करीब 500 से ज्यादा वकील प्रभावित होंगे। बार के पदाधिकारी इसी बात को लेकर चितिंत भी नजर आ रहे हैं। वकीलों को चेंबर डालने के लिए कोई स्थान नहीं मिल रहा है,जिससे उनके सामने संकट खड़ा हो गया है।