धमोरा (रामपुर)। मानसिक रूप से कमजोर जंग बहादुर चार साल पहले गाजीपुर से घर से लापता हो गए थे। कुछ दिनों पूर्व वह भटकते हुए रामपुर जनपद के कस्बा धमोरा पहुंच गए। शैलेष शर्मा ने उन्हें परेशान देखा तो उनसे बात की और सोशल मीडिया पर जंग बहादुर फोटो के साथ अपना नंबर पोस्ट कर दिया। इस पर उनके परिजनों ने शैलेष से संपर्क किया और रविवार को परिजन धमोरा पहुंचकर जंग बहादुर को अपने साथ ले गए।
गाजीपुर जिले के दिलदार नगर थाना क्षेत्र के बहुआरा गांव निवासी जंग बहादुर (46) चार साल पहले घर से लापता हो गए थे। परिजनों ने उनकी काफी तलाश की, कहीं पता नहीं चला। इस बीच भटकते हुए जंग बहादुर करीब दस दिन पूर्व यूपी के रामपुर जिला स्थित मिलक तहसील के धमोरा कस्बे में पहुंचे। परेशान घूमता देख कस्बे के लोग उन्हें खाना आदि देने लगे। करीब सप्ताह पूर्व गांव निवासी शैलेष शर्मा ने जंग बहादुर से बात की। उनके घर के बारे में जानकारी प्राप्त की। जंग बहादुर ने बताया कि वह गाजीपुर जिले के दिलदार नगर का रहने वाला है।
तब शैलेष शर्मा ने उनकी फोटो विवरण के साथ सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट कर दी। सोशल मीडिया पर फोटो अपलोड होने के बाद परिजनों को उनका पता चला तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जंग बहादुर के परिजनों ने शैलेष शर्मा से उनके मोबाइल पर संपर्क कर पूरी जानकारी ली। इसके बाद रविवार को उनकी पत्नी अपने भाई राधेश्याम के साथ गाजीपुर से धमोरा पहुंचे। परिजनों को देख जंग बहादुर भावुक हो गए और फफककर रोने लगे। परिजन भी अपने आंसू नहीं थाम सके। यह दृश्य देख ग्रामीण में भावुक हो गए।
राधेश्याम ने बताया कि मानसिक रूप से कमजोर होने के कारण जंग बहादुर चार साल पहले घर से लापता हो गए थे। कई जगह तलाश की गई, पर कुछ पता नहीं चला। गत दिनों सोशल मीडिया पर उनकी फ़ोटो देखने पर उनका पता चला तो परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। शैलेष शर्मा से फोन पर जानकारी करने के बाद वह रविवार को उन्हें लेने के लिए धमोरा पहुंचे। बिछड़े परिजन से मिलने के बाद उन्होंने क्षेत्र के लोगों का आभार व्यक्त किया। रवाना होते वक्त विशेष रूप से शैलेष शर्मा के प्रति बहुत कृतज्ञता जाहिर की। इस मौके पर काफी ग्रामीण मौजूद रहे।