आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने पदोन्नति प्रक्रिया में 50 वर्ष आयु की बाध्यता को समाप्त करने की मांग की। साथ ही कार्यकर्ताओं के रिक्त पदों पर सहायिकाओं को पदोन्नत करने की भी मांग की।
कलक्ट्रेट पहुंची आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि लंबे समय से संगठन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अनुभव व लंबी सेवा के आधार पर सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिए जाने और मुख्य सेविकाओं के पद पर पदोन्नत करने की मांग कर रहा है।
इस दौरान कई सरकार बदल गईं लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब शासन ने मुख्य सेविकाओं के पद पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पदोन्नत करने का निर्णय लिया है लेकिन, इसमें 50 वर्ष से अधिक आयु की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शामिल न किए जाने की बाध्यता रखी गई है जो कि न्यायोचित नहीं है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना था कि लंबे समय से कार्यरत कई योग्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पदोन्नति की प्रक्रिया की बाट देख रहीं थीं और इस दौरान उनकी आयु 50 वर्ष से अधिक हो गई है। ऐसे में उन्हें पदोन्नति प्रक्रिया से वंचित न किया जाए। ज्ञापन पर जिलाध्यक्ष मिथलेश चौधरी, समीना बी, आशा रानी, निर्मला पांडेय, नसीम बानो, मंजू सक्सेना, कांति देवी, कमलेश गंगवार के नाम शामिल हैं।