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मुआवजा बंटते ही गरजेगा बुलडोजर

Tue, 13 Sep 2016 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
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काठगोदाम हाईवे का भोट गांव में प्रस्तावित मानचित्र (काले रंग की पट्टी मौजूदा सड़क है और बैगनी रंग की पट्टी वाला प्रस्तावित फोरलेन) ।
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काठगोदाम-रामपुर नेशनल हाईवे की जद में आए भोट गांव तमाम लोगों को नेता आश्वासन की घुट्टी पिलाते रहे और एनएचआई ने गजट भी जारी कर दिया। खुद का ठगा हुआ महसूस कर रहे ग्रामीण सड़कों पर उतरने के लिए रणनीति तैयार कर रहे हैं। यहां पर आंदोलन की सुगबुगाहट होने लगी है। वहीं जिला प्रशासन जल्द मुआवजा बांटने की तैयारी कर रहा है, इसके बाद मकान तोड़ने को बुलडोजर गरजने लगेगा।

रामपुर से काठगोदाम तक सिक्सलेन का नेशनल हाईवे बनाने के लिए जमीन अधिग्रहीत कर ली गई है। आपत्तियां भी मांग ली गईं। आपत्तियों के बाद गजट भी जारी हो गया है। हाईवे के निर्माण में सबसे बड़ी दिक्कत भोट के चार सौ परिवारों पर आई हुई है। यहां पर हाईवे के निर्माण का
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मानचित्र जारी हुआ तो उसमें भोट गांव के ढाई सौ मकान,  दो धर्मस्थल, दो स्कूल और 100 दुकानें हाईवे में ध्वस्त करने का प्रस्ताव है। प्रस्ताव आने के बाद ग्रामीणों में बेचैनी लगातार बढ़ रही है। दरअसल, ग्रामीणों के साथ नेताओं ने भी कम छल नहीं किया है। यहां के ग्रामीणों ने सांसद से लेकर केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी तक तमाम पत्र लिखे। 

नेता आश्वासन ही देते रहे, लेकिन इस बीच गजट भी जारी कर दिया गया। नकवी के पत्र पर हालांकि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाईवे प्राधिकरण को कार्रवाई के भी लिखा, लेकिन इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। ्
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अब गजट जारी होने के बाद ग्रामीणों के पास कोई रास्ता भी नहीं बचा है। उधर, जिला प्रशासन भोट गांव के प्रभावित ग्रामीणों को जल्द मुआवजा बांटने की प्रक्रिया शुरू करने वाला है। मुआवजा मिलते ही नेशनल हाईवे अथारिटी आफ  इंडिया का बुलडोजर गांवों पर चलना शुरू हो जाएगा। गांव वालों ने जो मकान तिनका तिनका जोड़कर बनाए थे, वे पल भर में ध्वस्त हो जाएंगे।
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