21 साल पहले पाकिस्तान छोड़कर हिंदुस्तान आने वाली अफशीन को यहां की
नागरिकता मिल गई। 1994 में कराची की रहने वाली अफशीन रामपुर निवासी मोहम्मद
मुर्तजा उर्फ बिट्टन से निकाह के बाद यहां आ गईं थी। उन्होंने हिंदुस्तान
की नागरिकता के लिए आवेदन उसी वक्त कर दिया था, लेकिन इसमेें 21 साल लग गए।
इंसान और मुहब्बत के रिश्ते जोड़ने
के लिए कोई भी सरहद मायने नहीं रखती। भले ही सरहदों पर दोनों मुल्कों के
बीच तलवारें ही क्यों न खिंचीं हों। 21 साल के बाद अफशीन
को भारतीय नागरिकता मिल ही गई। शहर के मोहल्ला चाहशोर निवासी मोहम्मद
मुर्तजा उर्फ बिट्टन की पत्नी अफशीन को भारतीय नागरिकता का प्रमाण पत्र
जारी किया गया।
प्रशासन ने बुधवार को मुर्तजा को अफशीन को भारतीय नागरिकता
प्रदान करने का प्रमाणपत्र जारी कर दिया। रामपुर के तंबाकू व्यापारी
मोहम्मद मुर्तजा उर्फ बिट्टन का निकाह पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के कराची में
रहने वाले असदुल्ला खां की बेटी अफशीन के संग 22 जुलाई 1994 को हुआ था।
निकाह के बाद अफशीन पाकिस्तान छोड़कर रामपुर आ गईं और फिर उन्होंने भारतीय
नागरिकता हासिल करने के लिए कवायद शुरू की। 16 दिसंबर 1994 को उन्होंने
भारतीय नागरिकता के लिए पहला प्रार्थना पत्र दिया। वहीं, 2008 में उन्होंने
पाकिस्तानी पासपोर्ट सरेंडर कर दिया था।
इसके बाद कागजी कवायद शुरू हुई।
कई दफा भारतीय नागरिकता मिलने में कानूनी अड़चने भी आईं,लेकिन परिवार के
लोगों ने संघर्ष नहीं छोड़ा। आखिरकार संघर्ष रंग लाया और अब आकर केंद्रीय
गृह मंत्रालय ने अफशीन को भारतीय नागरिकता का प्रमाण पत्र जारी कर दिया।
बुधवार को नागरिकता का प्रमाणपत्र जारी कर दिया।