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जेएनयू की घटना देश की संप्रभुता के लिए घातक

Tue, 16 Feb 2016 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/रामपुर
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जेएनयू प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर वकीलों ने डीएम के मार्फत राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। वकीलों ने ज्ञापन में कहा कि जेएनयू में देश विरोधी नारेबाजी की गई। इससे प्रतीत होता है कि इस तरह का कृत्य करने वालों के संबंध देश विरोधी लोगों से जुड़ा हुआ है।
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जिन लोगों ने इस तरह की घटना को अंजाम दिया वो राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए घातक हैं। इस घटना की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और आरोपियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। जो राजनेता इन छात्रों का मनोबल बढ़ाने के लिए बयानबाजी कर रहे हैं उनसे इस आशय का शपथपत्र लिया जाए कि उनका इनसे कोई ताल्लुक नहीं है।


इस मौके पर सुमित शर्मा, मोहित मल्होत्रा, शोभित सक्सेना, प्रियांशु मणि अग्रवाल सहित अन्य कई अधिवक्ता मौजूद रहे। जन समर्थन दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप कुमार सक्सेना ने लोकसभा अध्यक्ष को ज्ञापन भेजकर मांग की है कि देश विरोधी नारे लगाने वाले सांसदों के संसद में प्रवेश पर रोक लगाई जाए।
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ज्ञापन में कहा कि जेएनयू में कुछ लोगों ने देश विरोधी नारे लगाए। कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी सहित कई नेता ऐसे छात्रों का समर्थन कर रहे हैं। इन नेताओं में जो सांसद हैं उनके संसद पर आने पर प्रतिबंध लगाई जानी चाहिए। ज्ञापन में मांग की गई है कि ऐसे नेताओं के चुनाव लड़ने पर भी रोक लगाई जाए।
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