रामपुर। अब्दुल्ला आजम ने कहा कि आचार संहिता और कोविड प्रोटोकॉल के नाम पर ऐसे शोषण कर रहे हैं कि घर तक पर लोग नहीं आ सकते। कहा कि मैं तो जेल से निकला था, मैंने किसी से आने को नहीं कहा था। कोई अगर मुझे मोहब्बत से लेने आता है तो मैं मोहब्बत को नहीं रोक सकता। मेरी खुशनसीबी है कि मुझे प्यार करने वाले सीतापुर तक आए। ना तो कोई काफिला था, ना कोई कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ। गाड़ी में चार आदमी मास्क लगाए हुए थे बस।
रामपुर घर पर पहुंचने और वहां पर पुलिस को मौजूद देखकर कहा कि यह तो घर है मेरा, अब घर जाने से भी गाड़ी रोक दी जाएगी। सब प्रोटोकॉल विपक्ष के लिए है, ये कहां का इंसाफ है। कहा कि कुछ भी कर सकते हैं, पुलिस वाले हैं। कितने बेगुनाहों को मार दिया। ऐसे ही कितने बेगुनाह लोगों को मुकदमों में जेल भेज दिया।
यूपी के थानों में क्या नहीं हो रहा, किससे छुपा हुआ है। कितनी कस्टोडियल डेथ हो गईं। गोरखपुर के एक व्यापारी को कैसे मार दिया। लखनऊ में एक इंजीनियर को कैसे मार दिया और उन्नाव की बेटी को कैसे जला दिया गया। ऐसा नहीं है कि दुनिया देख नहीं रही है।