पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम ने आरोप लगाया कि बृहस्पतिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में जमकर धांधली की गई है। उनके प्रत्याशी लाल सिंह को वोट नहीं डालने दिया गया। जिला पंचायत सदस्यों पर सत्ता पक्ष का दबाव था। उन्होंने चुनाव रद किए जाने की मांग की।
सलाम ने कहा कि चुनाव निरस्त कराने के लिए न्यायालय की शरण में जाएंगे। अब्दुल सलाम ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने लाल सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया था। बृहस्पतिवार को लाल सिंह जब वोट डालने जा रहे थे, उनको रोका दिया गया। सपा के कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट की और वापस भेज दिया।
लाल सिंह ने मतदान के लिए सहायक की मांग की थी, लेकिन सहायक नहीं दिया गया। मतदान के लिए एजेंट भी उपलब्ध नहीं कराया गया। जब हमारे प्रत्याशी को वोट नहीं डालने दिया गया तो हमने चुनाव का बहिष्कार किया। चुनाव में धांधली की गई है। चुनाव को निरस्त कराने के लिए वो हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। सलाम ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने नगर विकास मंत्री आजम खां के दबाव बेईमानी कराई है।