कर्नाटक, आसाम, उत्तराखंड में भी लंगड़ा खूब पसंद किया जा रहा है। व्यापारियों की भी आमद शुरू हो गई है। डिमांड बढ़ने पर अधिकतर बागों की फसल पहले ही खरीद ली गई।
नवाबी दौर से ही रामपुरी लंगड़ा लोगों के दिलों पर राज कर रहा है। दशहरी, चौसा भी अपनी मिठास घोल रहा है। जिले में 1195 हेक्टेअर क्षेत्रफल में आम के बाग हैं। सदर क्षेत्र का इलाका फल पट्टी के नाम से जाना जाता है। रामपुरी लंगड़ा आम सिंगापुर में भी खूब मिठास घोल रहा है। देश के कई सूबों में भी लगंड़ा आम की अलग पहचान हैं।
आम की खरीद के लिए निर्यातकों ने आना शुरू कर दिया है। अधिकतर बाग की फसल बौर आने से पहले ही बिक चुकी है। निर्यातक दिल्ली की आजादपुर मंडी से भी रामपुरी लंगडा की देश-विदेश में निर्यात करते हैं।
अमरोहा को भी होती है पौध की सप्लाई
उद्यान निरीक्षक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि जिले की पौधशालाओं में तैयार आम की कलमी पौध कई साल से अमरोहा को सप्लाई होती है। रामपुर की पौध से ही अमरोहा में आम के बाग फल-फूल रहे हैं। दो साल पहले भी 10000 पौधा अमरोहा को भेजा गया था। इसके अलावा उत्तराखंड में भी कलमी पौध की डिमांड बढ़ी है।
शासन को भेजे गए मैंगो पैक हाउस के प्रस्ताव
उद्यान विभाग ने जिले में मैंगों पैक हाउस की स्थापना के भी प्रयास तेज कर दिए हैं। तीन महीने पहले तीन प्रस्ताव शासन को भेजे जा चुके हैं। मैंगों पैक हाउस बनने से आम के व्यापारियों को और लाभ मिलेगा।