रामपुर/शाहबाद। अगले महीने मार्च के पहले सप्ताह में सैकड़ों जोड़े विवाह के पवित्र बंधन में बंधेंगे। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी सामूहिक विवाह योजना में शाहबाद क्षेत्र में 110 आवेदकों की जांच में मात्र 10 ही पात्र पाए गए हैं। जिसमें एक ही व्यक्ति पति और पिता बन गया है। तो मां-बेटी की शादी के लिए एक साथ आवेदन आया है।
उत्तर प्रदेश के बलिया में पिछले महीने सामूहिक विवाह को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया था। जिला समाज कल्याण विभाग सामूहिक विवाह में आवेदकों की शादियां कराता है। जिसको लेकर प्रदेश भर में सामूहिक विवाह को लेकर आए आवेदकों की जांच की जा रही है। रामपुर जिले के शाहबाद में 189 आवेदन आए हैं, जिनमें नगर पंचायत द्वारा आवेदकों की जांच की जा रही है। 110 आवेदकों में अभी तक मात्र 10 ही पात्र मिले हैं। 51 हजार रुपये की रकम सरकार से ऐंठने के लिए ऐसे हथकंडे अपनाए हैं। शाहबाद में मोहल्ला खटपुर में एक ही युवक ने दो आवेदन कर दिए। एक आवेदन में युवक पति बन गया तो दूसरे आवेदन में वही युवक पिता बन गया। इतना ही नही जांच के दौरान नगर के मोहल्ला बेदान में मां-बेटी ने एक साथ ही शादी अनुदान के लिए एक साथ आवेदन कर दिया। आगे जांच में बड़ा चौकाने वाला खुलासा हुआ। नगर के मोहल्ला अमीर अली खान में एक दुल्हन पक्ष ने नाबालिग लड़के को दूल्हा बना लिया। जांच के दौरान जब टीम मौके पर पहुंची, तो जांच में टीम को पता लगा कि नाबालिग दूल्हा को अपनी होने वाली शादी का ही पता नही है। नाबालिग दूल्हा और उसके पिता ने इस आवेदन से कोई भी ताल्लुक होने से इन्कार कर दिया। जांच में पता लगा कि दुल्हन पक्ष के आवेदनकर्ता द्वारा अनुदान लेने के लिए यह षड्यंत्र रचा गया था। यह जांच शाहबाद नगर पंचायत के लिपिक नावेद अली, स्वच्छ भारत के नोडल मुजीब मियां, अरशद, विजय समेत कई कर्मचारियों द्वारा की जा रही है। कर्मी देर रात तक घर-घर पहुंचकर जांच करने में जुटे हैं। स्वार तहसील में 100, टांडा में 550, बिलासपुर में 150 से ज्यादा आवेदन हुए हैं, लेकिन अभी तक आवेदकों की जांच पूरी नहीं हुई है। दो सप्ताह में पूरी जांच के बाद तसवीर सामने आ जाएगी।
फर्जीवाड़ा करने वालों पर कार्रवाई करेंगे। जांच चल रही है, किसी भी अधिकारी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - जोगिंदर सिंह, जिलाधिकारी रामपुर