रामपुर। 25 साल पुरानी हो चुकी इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों को अब नष्ट किया जाएगा। रामपुर से 3530 ईवीएम छांटी गई हैं, जिनको नष्ट किया जाएगा। ईवीएम को कंपनी के सुपुर्द करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
वर्ष 1989 में पहली दफा ईवीएम के जरिए चुनाव हुआ और तमाम प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला हुआ। 1989 के चुनाव में रामपुर में भेल (भारत हैवी इलेक्ट्रानिक कंपनी लिमिटेड) कंपनी की ओर से जिले को 3530 ईवीएम भेजी गई थीं। चुनाव आयोग के माध्यम से इन ईवीएम को भेजा गया था। इन ईवीएम को स्टोर में रखवा दिया गया था। 25 साल तक यह ईवीएम रामपुर के भंडारगृह में रखी रहीं, जिसके चलते यह मशीन डेड हो गईं। मशीन के डेड होने की जानकारी प्रशासन ने चुनाव आयोग को पिछले दिनों यहां भेज दी गई थी। चुनाव आयोग ने इन ईवीएम को भेल कंपनी को वापस भेजने के निर्देश दिए हैं। अफसरों के मुताबिक भेल कंपनी इन ईवीएम को पूरी तरह नष्ट कर देगा। आदेश मिलने के बाद ईवीएम को भेजने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। कुछ ईवीएम को रामपुर से भेल कंपनी को भेजने का काम शुरू कर दिया है।