रामपुर/शाहबाद/सैदनगर। शहीदाने करबला की याद में किला इमामबाड़ा से जरीह मुकद्दस का जुलूस बरामद हुआ। अंजुमनों ने नोहाख्वानी और अजादारों ने मातम किया। इमामबाड़ों में मजलिस का भी सिलसिला शुरू हो गया।
इमामबाड़ा किला से जरीह मुकद्दस का जुलूस बरामद हुआ। जुलूस से पहले मुकामी अंजुमनों ने नोहाख्वानी की। इसके बाद जुलूस इमामबाड़ा कदीम की जानिब रवाना हो गया। जुलूस में भी अंजुमने नोहाख्वानी और अजादार मातम करते चल रहे थे। इमामबाड़ा कदीम पहुंचकर जुलूस का इख्तताम हो गया। जुलूस में आरिफ हुसैन, ताहिर मियां, बाकर मियां, शावेज मियां, हुमायूं जैदी भी शामिल थे। मेरठ से आए मौलाना उरूज मेहंदी ने इमामबाड़ा खासबाग में मजलिस को खिताब किया। जिक्रे हुसैन आया तो लोगों की आंखें नम हो गईं। शाहबाद के सुहाबा गांव में शिया समुदाय के लोगों ने मोहर्रम को लेकर जुलूस निकाला। शिया सुमदाय के लोग काले कपड़े पहने थे। जुलूस में अजादारों ने मातम भी किया। शाहबाद में मोहर्रम शुरू होते ही इमामबाड़ों में सफाई और सजावट होने लगी। इमाम बारगाहे अबूतालिब में भी कई दिन से रंगाई और पुताई का कार्य चल रहा है। सैदनगर क्षेत्र के हकीमगंज, खौद, सींगनखेड़ा, खिजरपुर, मिलक , बहादुरगंज, कुम्हरिया, परचई, नगलिया आकिल, ढक्का, मिर्जा मिर्जा फैयाज, धनपुरा गांव में ताजियेदार ताजिये बनाने में जुट गए हैं। इमामबाड़ों में नियाज नज्र का भी दौर शुरू हो गया।