रामपुर। बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े अफसर अब अब जिला स्तरीय अफसरों को गुमराह करने वाली रिपोर्ट सौंप रहे हैं। इसी तरह के एक मामले में बेसिक शिक्षा विभाग के सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी फंस गए हैं। डीएम ने उन्हें नोटिस जारी करते हुए उनसे 48 घंटे के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। साफ किया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।
बेसिक शिक्षा विभाग बिना अफसर के ही दौड़ रहा है। इसका असर विभाग के कामकाज पर दिख रहा है। अफसर से लेकर कर्मचारी तक मनमानी पर उतारू हैं। पिछले दिनों डीएम ने बच्चों को मुफ्त में बांटी जाने वाली किताबों के लिए आवंटित की गई धनराशि में से अक्तूबर माह तक कितनी धनराशि अवमुक्त की गई है इसकी जानकारी विभाग के सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी से तलब की थी। एएओ ने अपनी रिपोर्ट डीएम को भेज भी दी थी,लेकिन एएओ ने जो रिपोर्ट डीएम को भेजी वह चौंकाने वाली थी। डीएम इस रिपोर्ट को देखकर हैरत में आ गए। उन्होंने इसके संबंध में अफसरों से भी जानकारी ली,जिस बताया गया कि एएओ ने रिपोर्ट गलत भेजी है। मामला पकड़ में आने पर जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी जयपाल सिंह को नोटिस जारी करते हुए उनसे इस संबंध में जवाब मांगा है। पूछा है कि आखिर किस आधार पर इतनी धनराशि अवमुक्त करने की जानकारी दी गई है। डीएम ने उन्हें 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। साफ किया है कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। डीएम की इस कार्रवाई से विभागीय अफसरों में खलबली मच गई है।