रामपुर। 31 मई 2007 से 13 अगस्त 2012 तक शासन ने कितने मुकदमे वापस लिए। आरटीआई कार्यकर्ता सलीम बेग ने सूचना के अधिकार के तहत मुख्यमंत्री के कार्यालय के जन सूचना अधिकारी से जानकारी मांगी थी। लेकिन उनको वहां से जानकारी नहीं दी गई है। इस मामले में उन्होंने राज्य सूचना आयोग में अपील की है। इस मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर है।
आरटीआई कार्यकर्ता सलीम बेग ने 8 जुलाई 2011 मुख्यमंत्री कार्यालय के जन सूचना अधिकारी से जानकारी मांगी थी। वहां से उनको जवाब मिला कि जन प्रतिनिधियों, समाजसेवकों या सामान्य व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज अभियोगों की वापसी या लंबित वाद वापसी का विवरण जनपद वार या वर्षवार उपलब्ध कराया जाना संभव नहीं है। इसके बाद सलीम बेग ने राज्य सूचना आयोग में अपील कर दी। उन्होंने मांगी गई जानकारी में 15 मार्च से 13 अगस्त 2012 की अवधि को शामिल कर दिया। इस जानकारी को मुख्यमंत्री कार्यालय के जन सूचना अधिकारी ने यह कहते हुए उपलब्ध कराने से इंकार कर दिया कि यह थर्ड पार्टी सूचना है, वृहदता के आधार पर इस पर विचार करना समीचीन प्रतीत नहीं होता है। बेग की अपील पर राज्य सूचना आयोग ने आदेश दिया कि 13 मई 2007 से 31 मई 2011 तक वापस लिए गए मुकदमों में से जिनमें भी माननीय न्यायालय ने अंतिम आदेश पारित कर दिया है, उसकी जानकारी दे दी जाए। जो मामले अभी विचाराधीन हैं उसकी सूचना उपलब्ध कराए जाने का औचित्य नहीं है। राज्य सूचना आयोग में इस मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को है।