सर्वर में फंसे खनन के ई-टेंडर निरस्त
रामपुर। खनन के लिए पट्टे आवंटित करने के लिए डाले गए ई टेंडर के सर्वर में फंस जाने के बाद ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया के तहत मांगे गए टेंडर अब निरस्त कर दिए गए हैं। शासन के आदेश के बाद अब इन टेंडर पर नए सिरे से प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसको लेकर खनन अधिकारी को लखनऊ तक तलब कर लिया गया था।
यूपी सरकार ने किसी भी प्रकार के ठेकों के टेंडर अब ई टेंडर के माध्यम से कराने का फैसला लिया है। इसके तहत खनन विभाग ने भी अपने जिले के सात स्थानों पर खनन करने की अनुमति देने का ई-टेंडर के माध्यम से टेंडर मांगे थे। ई टेंडर की प्रक्रिया शुरू होने के बाद लोगों ने ई टेंडर भर डाले। ये टेंडर दस अक्तूबर को सार्वजनिक तौर पर खोले जाने थे, लेकिन इससे पहले अचानक ई-टेंडर आनलाइन फंस गए। इसका खुलासा उस वक्त हुआ जब ई टेंडर के लिए सत्यापन का काम शुरू हुआ। एनआईसी की वेबसाइट के माध्यम से ई टेंडर फंस जाने की जानकारी होने के बाद खनन विभाग के साथ ही टेंडर डालने वाले लोगों में भी खलबली मच गई थी। इस बीच खनन अधिकारी को भी लखनऊ तलब कर लिया गया गया था।काफी मशक्कत के बाद खनन के फंसे हुए टेंडर बेवसाइट पर प्रदर्शित नहीं हुए,जिसके बाद शासन ने इन टेंडर को निरस्त करने के आदेश जारी किए थे। इस आदेश के बाद अब प्रशासन ने एक बार फिर से ईटेंडर की प्रक्रिया शुरू करने का फैसलना लिया गया है।