हाईवे पर मौत के 14 काले धब्बे बने प्रशासन की चुनौती
रामपुर। जिले में नेशनल व स्टेट हाईवे पर 14 मौत के काले धब्बे (ब्लैक स्पॉट) यानि दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र परिवहन विभाग, एनएचएआई और प्रशासन के लिए चुनौती बने हुए हैं। इन क्षेत्रों में एक-दो नहीं बल्कि पिछले तीन साल में 256 दुर्घटनाएं हुई हैं। जिनमें 129 लोगों की मौत हो गई। जबकि 127 अधिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसों के यह वो आंकड़े हैं जो खुद परिवहन विभाग ने अपनी रिपोर्ट में स्वीकार किए हैं।
हाईवे पर इन दुर्घटना बहुल क्षेत्रों में हादसों के जोखिम को कम करने के लिए अब परिवहन विभाग, एनएचआई और प्रशासन मिलकर रणनीति तैयार कर रहे हैं। इसके लिए परिवहन विभाग द्वारा 2013 से 2015 तक तीन साल में हुए हादसों के आंकड़ों का अध्ययन किया जा रहा है। इन आंकड़ों के आधार पर परिवहन विभाग ने अपनी रिपोर्ट तैयार की है। इसी रिपोर्ट के आधार पर इन क्षेत्रों में हादसों के जोखिम को कम किया जाएगा।
यह हैं हाईवे के काले धब्बे- रोराकला मोड़, मेघानगला, धमोरा बाईपास, कोसीपुल, पसियापुरा बाइपास, सीआरपीएफ गेट, खूंटाखेड़ा, खानपुर मोड़, सिमरा पुल, सोहराब के होटल के सामने, पीलाखार डैम, मनकरा रोड, शाहबाद-पटवाई रोड, खानपुर जदीद।