रामपुर। बकरीद के बाद जिले में डायरिया के मरीज तेजी से बढ़ने लगे हैं। शुक्रवार सुबह से दोपहर एक बजे तक जिला अस्पताल में डायरिया के 63 मरीज भर्ती किए गए। मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पताल में दबाव बढ़ गया। शाम तक करीब 90 मरीज डायरिया से पीड़ित अस्पताल में भर्ती हुए।
जिला अस्पताल में बकरीद के बाद लोगों में डायरिया की शिकायत तेजी से मिल रही है। सीएमएस डॉ. बीसी सक्सेना ने बताया कि सभी मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार गर्मी, दूषित पानी, बासी भोजन और बाहर की खाने-पीने की चीजें डायरिया बढ़ने का बड़ा कारण बन रही हैं। मरीजों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, कमजोरी और बुखार जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं अधिक हैं।
डॉक्टरों ने लोगों को साफ पानी पीने, ताजा भोजन करने और खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दी है। अस्पताल में ओआरएस और दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था रखने का दावा किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ा दी है।
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गर्मी में शरीर में पानी की कमी तेजी से होती है। डायरिया होने पर लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। मरीज तुरंत ओआरएस घोल लें और अधिक कमजोरी, लगातार उल्टी या तेज बुखार होने पर अस्पताल पहुंचें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी की जरूरत है।
- डॉ. दशरथ सिंह, वरिष्ठ फिजीशियन
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सुबह से लगातार उल्टी और दस्त हो रहे थे। हालत बिगड़ने पर परिवार वाले जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने भर्ती कर दवा शुरू कर दी है। अब थोड़ी राहत महसूस हो रही है, लेकिन कमजोरी काफी बनी हुई है।
- अशोक
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बकरीद के बाद तबीयत अचानक खराब हो गई। पेट दर्द और दस्त रुक नहीं रहे थे। घर पर दवा लेने से आराम नहीं मिला तो अस्पताल आना पड़ा। डॉक्टरों ने पानी ज्यादा पीने और बाहर का खाना बंद करने की सलाह दी है।
- मकबूल
सुबह बच्चों की देखभाल करते समय चक्कर आने लगे। इसके बाद उल्टी और दस्त शुरू हो गए। परिवार वाले तुरंत अस्पताल लेकर आए। यहां भर्ती करने के बाद इलाज शुरू हुआ। डॉक्टरों ने साफ पानी और हल्का भोजन लेने को कहा है।
- नाजिया
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दो दिन से पेट खराब था, लेकिन शुक्रवार सुबह हालत ज्यादा बिगड़ गई। कमजोरी इतनी बढ़ गई कि चलना मुश्किल हो गया। अस्पताल में भर्ती होने के बाद दवाएं और ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा है। अब पहले से बेहतर महसूस कर रहा हूं।
- सलीम
डायरिया के लक्षण
-बार-बार पतले दस्त आना
-उल्टी और मितली होना
-पेट में दर्द या मरोड़
-शरीर में कमजोरी और थकान
-चक्कर आना
-तेज प्यास लगना
-बुखार होना
-शरीर में पानी की कमी महसूस होना
-बचाव के उपाय
-उबला या साफ पानी ही पिएं
-ताजा और गर्म भोजन करें
-बासी भोजन खाने से बचें
-बाहर खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ न खाएं
-खाना खाने से पहले हाथ साबुन से धोएं
-कटे फल और दूषित पेय पदार्थों से बचें
-बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
-दस्त शुरू होते ही ओआरएस घोल दें
-अधिक परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं