रामपुर। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्व विद्यालय की परीक्षाएं कोरोना गाइड लाइन के पालन के साथ गुरुवार से शुरू हो गईं। पहले दिन शहर के राजकीय रजा स्नातकोत्तर महाविद्यालय और राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 89 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी।
कोरोना संक्रमण के दौरान शासन के निर्देश पर स्नातक प्रथम वर्ष और परास्नातक प्रथम वर्ष के छात्र छात्राओं को बगैर परीक्षा के अगली कक्षा में प्रोन्नत कर दिया गया था। जबकि, स्नातक द्वितीय व तृतीय वर्ष तथा परास्नातक द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं कराने का निर्णय लिया था। इसी के अनुरूप बृहस्पतिवार को जिले भर में 23 महाविद्यालय में रुहेलखंड विश्वविद्यालय की परीक्षाएं शुरू हुईं। प्रत्येक प्रश्नपत्र की समय अवधि डेढ़ घंटे रही। पहले दिन प्रथम पाली की परीक्षा सुबह नौ बजे शुरू हुई। पहली पारी में स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष की उर्दू, पर्शियन, मनोविज्ञान,हिंदी, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र संस्कृत और संगीत विषय की परीक्षा हुई। दूसरी पाली में सुबह 10. 30 बजे से स्नातक द्वितीय वर्ष की वाणिज्य, रसायन शास्त्र और फारसी विषय की परीक्षा हुई। जबकि, तृतीय पाली में अपराहन तीन बजे से स्नातक तृतीय वर्ष के बी कॉम की परीक्षा हुई। राजकीय रजा स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पहली पाली की परीक्षा के दौरान 523 में से 477 परीक्षार्थी उपस्थित रहे। 46 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। दूसरी पाली में 879 परीक्षार्थियों में से 863 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।16 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। तृतीय पाली की परीक्षा में 412 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। जिसमें से 406 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। छह परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महा विद्यालय में पहली पाली में 116 परीक्षार्थियों में से 102 परीक्षार्थी परीक्षा दी। जबकि 14 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। द्वितीय पाली में 136 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। जिसमें 133 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। तीन परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। तृतीय पाली की परीक्षा में 69 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। जिसमें से 64 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। चार परीक्षार्थी परीक्षा से अनुपस्थित रहे।दोनों महाविद्यालय में कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई। सभी परीक्षार्थियों के लिए मास्क और सैनिटाइजर अनिवार्य किया गया था। थर्मल स्कैनिंग के बगैर किसी भी कर्मचारी, स्टाफ और परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं करने दिया गया। परीक्षा प्रारंभ होने से दो दिन पहले से ही परीक्षा परीक्षा कक्ष के फर्नीचर आदि को सैनिटाइज किया गया था।जा रहा है। परीक्षार्थियों की बैठक व्यवस्था सोशल डिस्टेंसिंग के अनुसार की गई थी।