रामपुर। धान किसानों को अगर बिचौलियों से बचना है तो वह खाद्य विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण करा लें। पंजीकरण सछ किसानों का दोहरा फायदा है, एक तो बिचौलियों को धान बेचने से बच जाएंगे दूसरा उनका धान तभी खरीदा जाएगा जब उनका पंजीकरण होगा। शासन ने धान क्रय के लिए पंजीकरण कराने के लिए 31 अगस्त अंतिम तिथि निर्धारित की है।
खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में बिचौलियों का धान खरीद से पत्ता साफ करने और किसानों के धान की सुविधाजनक खरीद के लिए शासन ने धान खरीद शुरू होने से पहले ही किसानों का पंजीकरण शुरू कर दिया है। पंजीकरण कराने वाले किसानों का ही धान सरकारी क्रय केंद्रों पर लिया जाएगा। धान क्रय सत्र 1 अक्तूबर से शुरू होगा जबकि इसके लिए किसान 31 अगस्त तक खाद्य विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण स्वयं कंप्यूटर से या फिर जनसुविधा केंद्र या साइबर कैफे से किया जा सकता है।
पंजीकरण के लिए यह होगी आवश्यकता
-वेबसाइट पर पंजीकरण कराने के लिए किसान को राजस्व विभाग के भूलेख पोर्टल से लिंक किया जाएगा। इसके लिए किसान को पंजीकरण के समय खतौनी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति की आवश्यकता होगी। इसमें किसानों को कुल रकबे और धान बोए गए रकबे की जानकारी भी देनी होगी।
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-इस बार सिर्फ पंजीकरण वाले किसानों का धान ही खरीदा जाएगा। जिससे बिचौलियों का धान न खरीदा जा सके, इससे बिचौलियों पर अंकुश लगेगा। साथ ही पंजीकरण से विभाग के पास यह सूचना भी होगी कि जिले में कितने किसानों ने कितने रकबे में धान की फसल लगाई है। -जेपी वर्मा, डिप्टी आरएमओ