रामपुर। एनसीटीई के बीएड डिग्री धारकों को प्राइमरी स्कूलों में कक्षा एक से पांच तक के शिक्षण कार्य के लिए भर्ती प्रक्रिया में शामिल किए जाने के अध्यादेेश को लेकर बीटीसी प्रशिक्षुओं में रोष है। इसको लेकर बीटीसी प्रशिक्षु प्रदर्शन कर अलग-अलग माध्यम से मानव संसाधन मंत्रालय तक ज्ञापन भेज रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को प्रशिक्षुओं ने लोकसभा सांसद डा. नैपाल सिंह को ज्ञापन सौंपा।
बीटीसी संयुक्त प्रशिक्षु मोर्चा के बैनर तले बीटीसी प्रशिक्षुओं का एक प्रतिनिधि मंडल सांसद से मिलने पहुंचा। जिसमें बीटीसी प्रशिक्षुओं ने सांसद को अवगत कराया कि हाल ही में एनसीटीई का बीएड डिग्री धारकों को कक्षा एक से पांच तक के स्कूलों में शिक्षक नियुक्त किए जाने का अध्यादेेश उनके साथ अन्याय है। क्योंकि बीएड डिग्री धारक अभी तक सिर्फ कक्षा 6 से 8 तक में पढ़ाने के लिए अर्ह थे और प्राइमरी में बीटीसी प्रशिक्षु ही अर्ह थे। लेकिन इस अध्यादेेश के बाद बीएड डिग्री धारक भी कक्षा 1 से 5 तक के स्कूलों में नियुक्त किए जा सकेंगे। जबकि प्रदेेश में मौजूदा समय में करीब 5 लाख से अधिक बीटीसी प्रशिक्षु बेरोजगार हैं और करीब एक लाख का प्रशिक्षण पूर्ण होने वाला है। इतने ही प्रशिक्षु डीएलएड कर रहे हैं। ऐसे में उनको रोजगार मिलने में परेेेशानी होगी। बीटीसी प्रशिक्षुओं ने उनके हित में इस संशोधन को निरस्त करने की मांग की। इसके बाद तीन सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा गया है कि यदि बीएड डिग्री धारक प्राइमरी स्कूलों में ब्रिज कोर्स कर शिक्षण कार्य करेंगे तो बीटीसी प्रशिक्षुओं को भी ब्रिज कोर्स के बाद जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षण कार्य के लिए नियुक्ति दी जाए। इस दौरान अमित कुमार, हेमंत सिंह, आसिफ, चिराग, कासिम आदि मौजूद रहे।