रामपुर। बिजली विभाग के सहायक अभियंता की पिटाई के मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है। इसकी गूंज अब लखनऊ तक सुनाई दे रही है।गुरुवार को उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के पदाधिकारियों ने लखनऊ में ही आपात बैठक बुला ली, जिसके बाद पूरी घटना की निंदा की और सीओ सिटी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
लखनऊ में विद्युत अभियंता संघ के महासचिव राजीव कुमार सिंह ने कहा कि 24 अप्रैल को रामपुर के सीओ सिटी आशुतोष तिवारी द्वारा अपने कार्यालय में विद्युत विभाग के सहायक अभियन्ता (मीटर) को बुलाकर सीओ सिटी एवं उनके साथियों द्वारा अभद्रता और पिटाई कर दी। मारपीट एवं जानलेवा हमले तथा नारकोटिक्स एक्ट एवं आर्म्स एक्ट के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दिए जाने से आक्रोशित विद्युत अभियंताओं ने सीओ सिटी के इस कृत्य की भर्त्सना करते हुए निलम्बित करने एवं उनके विरूद्ध ठोस दण्डात्मक कार्रवाई की जाए। वहीं, पश्चिमांचल मुख्यालय मेरठ पर अभियंताओं ने विरोध प्रदर्शन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। अभियन्ता संघ के पदाधिकारियों ने प्रमुख सचिव (ऊर्जा) एवं अध्यक्ष पावर कारपोरेशन को पूर्ण तथ्यों से अवगत कराते हुए अभियन्ताओं को न्याय दिलाने के लिए हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। अध्यक्ष जीके मिश्रा ने बयान जारी कर कहा कि अभियंताओं की सुरक्षा सर्वोपरि है एवं सरकार का दायित्व है कि वह विद्युत अभियन्ताओं को सरकारी अधिकारी एवं एक आम नागरिक के नाते पूर्ण सुरक्षा प्रदान करें। अत्यन्त खेद का विषय है कि पूर्व के प्रकरणों में विद्युत अभियन्ताओं पर हुए जानलेवा हमलों में सरकार द्वारा आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है एवं उल्टे विद्युत अभियंताओं को ही झूठी एफआईआर एवं शिकायतों पर दण्डित किया गया, जिससे असमाजिक तत्वों एवं सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने वालों के हौंसले बढ़ते जा रहे हैं, जिसकी परिणति 24 अप्रैल को सीओ सिटी रामपुर द्वारा विद्युत विभाग के समकक्ष सरकारी अधिकारी पर क्षेत्राधिकारी कार्यालय में जानलेवा हमले के रूप में हुई है। इसकी जितनी भर्त्सना की जाए कम है। उन्होंने 48 घंटे में सीओ सिटी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की मांग की। साथ ही आंदोलन की भी चेतावनी दी।