रजा लाइब्रेरी में कुरान मजीद व खत्ताती प्रदर्शनी शुरू
रामपुर।
रजा लाइब्रेरी में माह ए रमजान के मुबारक मौके पर कुरान मजीद व खत्ताती के नमूनों की प्रदर्शनी की शुरुआत की। प्रदर्शनी का आयोजन करीब दो सप्ताह तक किया जाएगा। जिसमें कई दुर्लभ पांडुलिपियों को शामिल किया जाएगा।
रजा लाइब्रेरी के दरबार हॉल में आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन मौलाना डा. मुजफ्फर सुल्तान तोराबी व डा. शायरउल्लाह खां ने फीता काटकर किया। के कर-कमलों द्वारा किया गया। इस मौके पर मौलाना डा. मुजफ्फर सुल्तान तोराबी ने कहा कि कुरान मजीद एक दुर्लभ ग्रंथ है, जो सबसे ज्यादा लिखा, पढ़ा और सुना जाता है। कुरान मजीद को पढ़कर अपने जीवन में उनको अमल में लाकर चलने से एक अच्छा इंसान बना जा सकता है। डा. शायरउल्लाह खां ने कहा कि दुर्लभ पांडुलिपियों और कैलीग्रफियों की यह प्रदर्शनी इस मुकद्दस माह का बेशकीमती तोहफा है। जो हृदय को शांति और आत्मा को प्रकाशमय करता है।
प्रदर्शनी के बारे में जानकारी देते हुए निदेशक रजा लाइब्रेरी प्रो. सैयद हसन अब्बास ने कहा कि इस प्रदर्शनी में कूफ़ी लिपि में 7वीं सदी ई. में हजरत अली द्वारा लिखा हुआ दुर्लभ कुरान मजीद, कूफी लिपि में 8वीं सदी ई0 में इमाम अबु अब्दुल्ला जाफ़र बिन मुहम्मद बिन अली द्वारा लिखित दुर्लभ कुरान मजीद, अरबी नस्ख़ बहार लिपि का 1379 ई0 का कुरान मजीद जिसमें आलमगीर बादशाह के मंसबदार गजनफर की एक मुहर है। अरबी नस्ख़ लिपि का 1315 ई0 का लिखा हुआ बहुत ही सुन्दर प्रति जिसके हर पृष्ठ पर 3 लाइन सुलुस लिपि में सोने से लिखाई और 12 लाइन में नस्ख़ में काली स्याही से कागज पर लिखा हुआ है। नस्ख़ लिपि का 1103 ई0 का कुरान मजीद, अरबी नस्ख़ लिपि का 1743 ई0 का कुरान मजीद जिसको मुहम्मद रजा कश्मीरी द्वारा बहुत ही खूबसूरत काग़ज पर किताबत किया गया है। जिसकी लाइन के बीच की जगह को सोने के पानी से सजाया है, इत्यादि ख़तों में कैलीग्राफियों को प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया है। कहा कि यह प्रदर्शनी दिनांक 20 जून तक आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर डा. अबुसाद इस्लाही, डा. जीशान तोराबी, अरुण कुमार सक्सेना, सैयद तारिक़ अजहर, हिमांशु सिंह आदि मौजूद रहे।