फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुर्लभ पांडुलिपियों के साथ ही इतिहास से भी हो रहे रूबरू

विज्ञापन
विज्ञापन
दुर्लभ पांडुलिपियों के साथ ही इतिहास से भी हो रहे रूबरू
विज्ञापन

रामपुर।
रजा लाइब्रेरी में माह ए रमजान के मुबारक मौके पर कुरान मजीद और खत्ताती के नमूनों की प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में युवा पहुंच रहे हैं। प्रदर्शनी में युवा दुर्लभ पांडुलिपियों को देख ही रहे हैं वहीं इतिहास की भी जानकारी हासिल कर रहे हैं।
विज्ञापन

रजा लाइब्रेरी के दरबार हॉल में आयोजित प्रदर्शनी में कई दुर्लभ पांडुलिपियों को शामिल किया गया है। प्रदर्शनी में बुधवार को भी काफी संख्या में लोग पहुंचे। हालांकि इसमें युवाओं के साथ छात्र-छात्राएं ही अधिक थे। प्रदर्शनी में पहुंच रहे लोग कुरान मजीद और खत्ताती के दुर्लभ खजाने को न सिर्फ देख रहे हैं बल्कि इनके बारे में जानकारी भी हासिल कर रही हैं। पांडुलिपियों से जुड़ी बारीकी के बारे में पूछ रहे हें। प्रदर्शनी में कूफ़ी लिपि में 7वीं सदी ई. में हजरत अली की लिखी कुरान मजीद, कूफी लिपि में ही 8वीं सदी ई. में इमाम अबु अब्दुल्ला जाफ़र बिन मुहम्मद बिन अली की लिखी हुई कुरान मजीद प्रदर्शनी में दिखाई जा रही है। इसके साथ ही कूफी लिपि के अलावा अरबी नस्ख़ बहार लिपि का 1379 ई. का कुरान मजीद प्रदर्शनी में शामिल की गई है, जिसमें आलमगीर बादशाह के मंसबदार गजनफर की एक मुहर है। प्रदर्शनी में इसके साथ ही कई अन्य दुर्लभ कुरान मजीद और खत्ताती शामिल हैं, इनमें से कुछ कुरान मजीद के शब्दों और पन्नों पर सोने का पानी भी किया हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें