रामपुर। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में जिले के नौ उद्यमियों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार जिले में नौ औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से 535.73 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। जिसके जरिए न सिर्फ रामपुर से चावल का निर्यात बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय उत्पादों को भी पहचान मिलेगी। इसके अलावा डायरेक्ट और इन डायरेक्ट तरीके से करीब पांच हजार लोगों को रोजगार मिला है।
वर्ष 2018 में जिले में दस औद्योगिक इकाइयों की स्थापना होने के प्रस्ताव आए थे, जिसमें से नौ उद्यमियों ने अपनी इकाइयां स्थापित कर काम शुरू कर दिया है। इन इकाइयों के कामकाज को देखने व परखने के लिए वाराणसी में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिभाग किया। इसी सेरेमनी में रामपुर तीन करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाले तीन उद्यमियों ने भी प्रतिभाग किया। जिन्होंने अपने-अपने कामकाज को दर्शाया। जिला उद्योग केंद्र की ओर से पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार रामपुर में अब तक दस में से नौ इकाई स्थापित हो चुकी हैं। जिनमें दाम्या पीजे फूड्स, त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड, अडानी एग्री लॉजिस्टिक धमोरा लिमिटेड, गाजी राइस मिल, अंजुम आबिद अली राइस मिल, विलियम आर्गेनिक, केजीएन राइस मिल, आयशा एंड मोहसिन राइस मिल, सहारा राइस मिल शामिल हैं। इन इकाइयों के माध्यम से रामपुर में 535.73 करोड़ रुपये का निवेश आया है। जिससे करीब पांच हजार लोगों को डायरेक्ट व इन डायरेक्ट तरीके से रोजगार मिला है। इसके अलावा तीन राइस मिलें एक्सपोर्ट भी करती हैं, जिससे रामपुर का चावल दिल्ली और मुंबई के माध्यम से विदेशों में जाता है। सहायक उपायुक्त उद्योग बलराज वीर सिंह ने बताया कि सभी इकाइयां बेहतर तरीके से संचालित हो रही है। रामपुर के राजस्व में भी इनका योगदान आ रहा है। साथ ही लोगों को रोजगार भी मिला है।