रामपुर। जिले में गेहूं क्रय सत्र के लिए किसानों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संभवत: एक अप्रैल से क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद शुरू हो जाएगी। पंजीकरण प्रक्रिया के साथ ही क्रय केंद्रों का आवंटन भी शुरू कर दिया गया है। जिसमें अब तक 51 क्रय केंद्र बनाए जा चुके हैं।
जिले में संभवत: एक अप्रैल से गेहूं क्रय की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके लिए किसानों को विभाग की बेवसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। पूर्व में पंजीकृत किसानों को सिर्फ संशोधन कर लॉक करना होगा। इस बार सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 1975 रुपये निर्धारित किया है। पंजीकरण और संशोधन कर लॉक कराने के लिए किसान किसी भी साइबर कैफे या जनसुविधा केंद्र पर जाकर प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं। पंजीकरण की सभी जानकारी दर्ज करने पर किसान के मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा, जिसे दर्ज कर पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होगी। इसके साथ ही 100 क्विंटल गेहूं या उससे अधिक मात्रा में गेहूं क्रय केंद्र पर बेचने के लिए एसडीएम द्वारा ऑनलाइन सत्यापन भी कराया जाएगा। पंजीकरण के लिए किसान आधार संख्या, आधार कार्ड में अंकित नाम, बैंक खाते की पासबुक, खतौनी, फोटोयुक्त पहचान पत्र की छायाप्रति साथ लेकर जाएं।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी डॉ. अनुपम कुमार निगम ने बताया कि पंजीकरण की प्रक्रिया 1 मार्च से शुरू कर दी गई है। पिछले साल जिले में करीब 15 हजार किसानों ने पंजीकरण कराया था। इन किसानों को पंजीकरण न कराकर सिर्फ संशोधन कराकर लॉक करना होगा। इस बार अभी तक क्रय लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है। फिलहाल जिले में 51 क्रय केंद्र बना दिए गए हैं, जिनकी संख्या अभी और बढ़ेगी। पिछले साल 152 क्रय केंद्र बनाए गए थे।