अश्वों पर ग्लैंडर का खतरा, 240 रक्त नमूने भेजे जांच को
रामपुर।
अश्वों में ग्लैंडर (फार्सी) बीमारी के खतरे को लेकर पशु चिकित्सा विभाग सक्रिय हो गया है। जिले में अश्वों पर इस बीमारी के खतरे को देखते हुए अब तक 240 नमूने जांच को भेजे जा चुके हैं। हालांकि अभी तक किसी भी अश्व की जांच रिपोर्ट में इस बीमारी की पुष्टि नहीं हुई है।
अश्वों में होनी वाली ग्लैंडर (फार्सी) बीमारी न सिर्फ पीड़ित अश्व के लिए जानलेवा है, बल्कि इसकी चपेट में अन्य अश्व और अश्वपालक भी आ सकते हैं। इस बीमारी का कोई उपचार नहीं है। इस बीमारी से पीड़ित अश्व को मारना पड़ता है। हालांकि अश्व को मारने पर सरकार 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता अश्व पालक को देती है। जिले में भी अश्वों पर इस बीमारी के खतरे को देखते हुए पशु चिकित्सा विभाग की ओर से विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है। जिसमें अब हर माह बीस आशंकित अश्वों के रक्त नमूने प्रयोगशाला परीक्षण के लिए राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान हिसार भेजे जा रहे हैं। जिले में अब तक 240 अश्वों के रक्त परीक्षण कराए जा चुके हैं। राहत की बात है कि अभी तक इनमें से किसी में भी इस बीमारी की पुष्टि नहीं हुई है। बीमारी से बचाव और समय से पहचान के लिए जिले के 6300 अश्वों की निगरानी की जा रही है।