रामपुर। पुलिस अधीक्षक (एसपी) की परीक्षा में भोट इंस्पेक्टर खरे नहीं उतरे, उनको लाइनहाजिर कर दिया गया है। रविवार की रात एसपी शिवहरि मीना ने थाना प्रभारियों का रिस्पांस टाइम चेक किया। इसका मतलब है कि जानकारी मिलने के कितने देर में थाना प्रभारी मौके पर पहुंचते हैं। भोट थाना प्रभारी का रिस्पांस टाइम निर्धारित वक्त से अधिक रहा। इस वजह से उनको लाइन भेज दिया गया है।
एसपी ने रविवार की रात जिले भर के सभी सीओ को निर्देशित कर उनके सर्किल में भेजकर तथा स्वयं भी क्षेत्र में भ्रमण सील रहकर सभी थानाध्यक्षों तथा सो नंबर की गाड़ियों तथा फायर ब्रिगेड को क्रमश: लूट, एक्सीडेंट और आग लगने की सूचना दी गई। उनके ही थाना क्षेत्र के किसी गांव या रोड पर घटनास्थल बताकर रिस्पांस टाइम चेक किया गया। सूचना देते समय पुलिस अधीक्षक ने ऐसा माहौल पैदा किया की जिसे सूचना दी जा रही है। उसे लगे कि बहुत शोर मचा है। घटना गंभीर है तथा संबंधित थाने को फोन लगाया तथा अपने साथ लूट होने, भयंकर एक्सीडेंट होने तथा गाड़ी में आग लगने पर गांव वालों द्वारा मारपीट करने की बात कही तथा पुलिस को जल्दी घटनास्थल पर पहुंचने को कहा तो सभी थानाध्यक्ष बताए गए घटनास्थल पर दूरी के हिसाब से सही समय पर पहुंचे। घटनास्थल थाने से 12 किलोमीटर बताया गया तो संबंधित 17 से 20 मिनट के अंदर पहुंचने में सफल रहे 100 नबंर की गाड़ियां तथा फायर ब्रिगेड भी समय से पहुंची समय से पहुंचने पर फायर तथा 100 डायल को 500- 500 रुपये का नगद पुरस्कार देकर उत्साहवर्धन किया गया। एसपी ने भोट को हाईवे पर एक्सीडेंट की सूचना दी गई थी। लेकिन घटना स्थल थाने से 6 किलोमीटर हाईवे पर होने के बावजूद रिस्पांस टाइम बहुत ही खराब रहा तथा घटना को गंभीरता से नहीं लिया गया। जिन्हें लापरवाही बरतने पर तत्काल प्रभाव से पुलिस अधीक्षक विनोद इंस्पेक्टर विनोद कुमार वर्धन को लाइनहाजिर कर दिया गया।