मिलक खानम। क्षेत्र के पीपली वन में रविवार रात खैर की लकड़ी की तस्करी करने का प्रयास वन विभाग की सतर्कता से विफल हो गया। गश्त के दौरान वन टीम ने कक्ष संख्या तीन में संदिग्ध गतिविधि देखी, जहां पांच-छह तस्कर खैर की लकड़ी काट रहे थे। वनकर्मियों को देखकर तस्कर अपनी बाइक छोड़कर उत्तराखंड सीमा की ओर भाग गए।
मौके से खैर की लकड़ी के 24 गोटे (लगभग 30 क्विंटल) बरामद किए गए जिनकी अनुमानित कीमत तीन लाख रुपये है। वन रेंजर ठाकुर विजय कुमार ने बताया कि बरामद सामान के साथ वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है और तस्करों की पहचान की जा रही है। वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त और निगरानी बढ़ा दी है।
रेंजर ठाकुर विजय कुमार ने बताया कि रविवार की रात हुई घटना के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और तस्करों की तलाश शुरू कर दी गई है।
पहले भी हो चुकी हैं तस्करी की घटनाएं
पीपली वन क्षेत्र में खैर की तस्करी की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। इससे पहले भी तस्कर वन विभाग की नाकेबंदी तोड़कर लकड़ी ले जाने में सफल हो चुके हैं। कई मामलों में विभाग ने खैर की लकड़ी और वाहन बरामद कर कार्रवाई की है, बावजूद इसके तस्करों के हौसले कम नहीं हो रहे हैं।गत माह पीपली वन में तस्करों की आपसी गुटबंदी के चलते एक ग्रामीण की हत्या भी हुई थी। इसके बाद भी तस्कर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे।