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शहरी सीमा से सटे पानी से घिरे ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी

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रामपुर। नदियों का जलस्तर भले ही कम हो रहा हो,लेकिन नदी किनारे गांवों के लोगों की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। हजारों लोग गांव के भीतर कैद होकर रह गए हैं। सड़कों पर पानी भरा होने से लोग घरों में कैद हैं,लेकिन प्रशासनिक अमले ने अभी तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है,इससे दिक्कत बढ़ी हुई है।
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पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश ने कोसी, रामगंगा, बहल्ला और भाखड़ा नदियों का जल स्तर बढ़ा दिया है। रामनगर बैराज से लागातार पानी छोड़े जाने के बाद कोसी नदी इस वक्त उफान पर चल रही है। इसके अलावा कालागढ़ से पानी छोड़े जाने की वजह से रामगंगा भी उफान पर है। इसी तरह भाखड़ा, बहल्ला और पीलाखार नदी भी उफान पर है। लगातार बढ़ते पानी से नदी किनारे के 70 गांव के हजारों लोगों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। लगातार बारिश ने लोगों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। सदर क्षेत्र के भैया नगला, पंजाबनगर, बीसरी व बीसरा, सिकरौल, महमूदपुर, दलपुरा, बहपुरी, घोसीपुरा समेत अन्य गांव के आसपास पानी भरा हुआ है,जिसकी वजह से आम लोग परेशान हैं। इसी तरह हजरतपुर टांडा मार्ग के साथ ही सैदनगर क्षेत्र के भी करीब एक दर्जन से ज्यादा गांव पूरी तरह प्रभावित हुए हैं। लालपुर गांव पूरी तरह से जलमग्न है। इसके अलावा स्वार क्षेत्र के पसियापुरा समेत एक दर्जन से ज्यादा गांव नदी के पानी से भरे पड़े हैं। इन मार्गों से लोगों का निकलना दूभर है। इसी तरह टांडा, पटवाई, शाहबाद और बिलासपुर क्षेत्र के भी तमाम गांव में पानी भरा हुआ है,जिसकी वजह से लोग परेशान हैं। लोग इस वक्त दहशत में हैं। कहीं बाढ़ का पानी बढ़ा तो यह पानी उनके घरों तक पहुंच जाएगा। बच्चों की हालत यह है कि वह घर से स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं। पंजाबनगर-जौलपुर मार्ग पर दो-दो फीट पानी लगा हुआ है,जिसकी वजह से लोगों की दिक्कतें बढ़ी हुई हैं।
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