छोटी संसद का टिकट पाने को सियासी दलों में बढ़ी हलचल
रामपुर। निकाय चुनाव करीब आते ही छोटी संसद का टिकट पाने के लिए सियासी दलों में हलचल बढ़ गई है। सियासी दलों से जुड़े पदाधिकारी व कार्यकर्ता टिकट पाने को जोड़तोड़ में लग गए हैं। कुछ एक तो अपने नेताओं को खुश कर मिनी संसद का टिकट न मिल पाने की स्थिति में आजाद उम्मीदवार बनने का भी विकल्प तैयार कर रहे हैं।
निकाय चुनाव अगले माह संभावित है। चुनाव को सरकारी अमले की ओर से तैयारियां तेजी से की जा रही हैं। इस बीच निकाय चुनाव के लिए आरक्षण को अंतिम रूप मिलने के बाद सियासी सरगर्मी भी तेज हो गई हैं। रामपुर नगर पालिका की बात की जाए तो रामपुर नगर पालिका की सीट महिला के लिए आरक्षित कर दी गई है। इसके बाद उन लोगों के चेयरमैन बनने का ख्बाव पूरी तरह टूट गया जो कि पिछले काफी समय से इसको लेकर मेहनत कर रहे थे। अब वे अपनी पत्नी या फिर परिवार की किसी महिला सदस्य को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी में लग गए हैं। अपने परिवार के सदस्यों को पार्टी का टिकट दिलाने के लिए अब राजनीतिक दल में खिचड़ी पका रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी और सपा से टिकट पाने वाले लोगों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है। मिनी संसद के लिए भारतीय जनता पार्टी में निकाय अध्यक्ष पद से लेकर सभासद तक के पद के लिए कार्यकर्ता जोड़तोड़ कर रहे हैं। हालांकि भारतीय जनता पार्टी ने किसी भी तरह चुनाव को लेकर अपना एजेंडा साफ नहीं किया है। सभासद पद के लिए प्रत्याशी बनने के लिए बड़े नेताओं का आशीर्वाद लेने की भी होड़ मची हुई है। इसी तरह कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी में भी टिकट पाने को लेकर होड़ मची हुई है।