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फाइलों में उलझी करोड़ों के जमीन घोटाले की जांच

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फाइलों में उलझी करोड़ों के जमीन घोटाले की जांच
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रामपुर। रामपुर में करोड़ों रुपये की जमीनों के घोटाले की जांच फाइलों में ही उलझी पड़ी है। हालत यह है कि कहीं का रिकार्ड गायब है तो कहीं रिकार्ड में हेराफेरी कर सरकारी जमीनों तक को अपना बना लिया है। इन सब मामलों की जांच तो चल रही है, लेकिन नतीजा सिफर ही है।
मोदी फैक्ट्री की जमीन को फैक्ट्री के अफसरों द्वारा अपने नाम पर दर्ज करा लेने के मामले का खुलासा तो हो गया,लेकिन अभी तमाम ऐसे मामले फाइलों में ही दबे पड़े हैं। जिनका रिकार्ड ही गायब है। तमाम ऐसी सरकारी जमीनें हैं, जिनको लोगों ने रिकार्ड में हेराफेरी कर अपना नाम दर्ज करा लिया। इन मामलों की जांच तो सपा सरकार में बैठाई गई थी,लेकिन सरकार बदल गई और नई सरकार भी आ गई,लेकिन जांच रिपोर्ट नहीं आई। डुंगरपुर में आसरा आवास बनाए गए थे। इस जमीन को कब्जाने के लिए तमाम कोशिश हुई। कुछ लोगों ने जमीन कब्जा ली और यहां तक कि इस जमीन को अपने नाम दर्ज करा लिया। सपा शासन में जब यह मामला सामने आया तो आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद रिकार्ड रूम के रिकार्ड को चेक करने का काम शुरू किया गया तो कई गांव के रिकार्ड ही गायब मिले। मसलन, अजीतपुर की जमीनों का रिकार्ड गायब मिला,इसके बाद जांच शुरू हुई,लेकिन यह जांच ठंडे बस्ते में चली गई। इसी तरह सैफनी का रिकार्ड गायब हुआ तो उसकी भी जांच बैठा दी गई,लेकिन रिपोर्ट आज तक नहीं पहुंची। इसके अलावा ताशका, शाहबाद क्षेत्र के घोसीपुरा की सरकारी जमीनों के रिकार्ड में हेराफेरी कर ली गई,लेकिन इसका भी कोई नतीजा नहीं निकला। सभी जांच लंबित पड़ी हैं। रिकार्ड रूम के कर्मचारियों और अफसरों की लापरवाही व मिलीभगत के चलते इनकी जांच को पूरी तरह से अंजाम नहीं दिया जा सका है,जिसकी वजह से इसको बढ़ावा दिया जा रहा है। कुल मिलाकर करोड़ की जमीन भी हथिया ली गई और कोई कार्रवाई भी नहीं हुई। अब मोदी का मामला सामने आने के बाद इन मामलों की जांच में तेजी की बात कही जा रही है।
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टैक्सटाइल्स के बंगले की जमीन भी बेच डाली
रामपुर। भूमाफियाओं की कारीस्तानी का आलम यह है कि उन्होंने टैक्सटाइल्स के बंग्ले की जमीन को भी बेच डाला। इसका खुलसा कुछ माह पहले स्टांप मामलों की जांच के लिए हुआ था,लेकिन इस मामले की जांच भी ठंडे बस्ते में पड़ी है। इसको भी कुछ नहीं हो रहा है।
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-जो जांच लंबित हैं उन पर रिपोर्ट मांगी गई है। जल्द ही इस मामले में कार्रवाई होगी। जमीन घोटाले करने वाले लोगों के साथ ही कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। ओमप्रकाश तिवारी, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, सिटी मजिस्ट्रेट
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