ज्यूरी (रामपुर बुशहर)।
उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद उपायुक्त शिमला ने 15/20 क्षेत्र के परियोजना प्रभावित गांवों का दौरा किया। डीसी ने पूरे प्रशासनिक अमले के साथ गानवीं गांव में जाकर वहां के घरों की स्थिति और फसलों का जायजा लिया। पुनर्वास संघर्ष समिति गानवीं चरण 2 ने क्षेत्र के सात गांव में परियोजना के कारण घरों, पानी के स्रोत और फसलों के नुकसान का बिजली बोर्ड और सरकार की ओर से भुगतान न करवाने के बाद हाईकोर्ट में केस दर्ज किया है।
डीसी शिमला रोहन ठाकुर ने बताया कि उन्हें आठ तारीख को रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करनी थी। लेकिन विधानसभा के कारण वह उस वक्त रिपोर्ट दाखिल नहीं कर पाए थे। अब 14 सितंबर को उच्च न्यायालय में यहां की स्टेटस रिपोर्ट देंगे। उन्होंने बताया कि गांव में घरों में दरारें आई हैं और कुछ घरों की प्रभावितों ने मरम्मत करा दी है। बरसात खत्म होने के बाद पेयजल स्रोतों का आईपीएच विभाग की ओर से आकलन किया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप था कि प्रशासन ने उनके गांव में हुए नुकसान का जायजा तक नहीं लिया। इस बात को मद्देनजर रखते हुए उच्च न्यायालय ने प्रशासन को आदेश दिए थे कि डीसी स्वयं प्रभावित क्षेत्र में जाएं और वहां की वस्तु स्थिति से न्यायालय को अवगत कराएं। इस दौरान एसडीएम रामपुर डॉ. निपुण जिंदल, संघर्ष समिति के प्रधान गोपाल, सदस्य वीरभद्र सिंह, बीडीओ रामपुर यशपाल सिंह, एक्सईएन आईपीएच एसके शर्मा, एक्सईएन गानवीं परियोजना केएल शर्मा, एसडीओ दुनीचंद, एसडीओ कृष्ण कुमार शर्मा, एसडीओ लोनिवि सुमन, बागवानी विभाग से अश्विनी चौहान, बीडीसी सदस्य सुभाष नेगी, जघोरी प्रधान जी ठाकुर, फांचा पंचायत उप प्रधान सुंदर नेगी और कई प्रभावित मौजूद रहे।