शाहबाद (रामपुर)। कम रुपयों में दहेज का सामान दिलाने के नाम पर 20 लोगों से ठगी कर ली गई। उन्हें ठगी का एहसास तब हुआ, जब पूरी कीमत देने के बावजूद भी बाइकों की मासिक किस्त लेने एजेंट घर पहुंचा। सभी ठगी के शिकार हुए लोग आक्रोशित होकर शाहबाद कोतवाली पहुंचे और आरोपी के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
शाहबाद नगर क्षेत्र के एक मोहल्ले निवासी युवक पर एजेंसियों के संचालकों के साथ मिलकर लाखों रुपये की ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है। लोगों द्वारा बताया जा रहा है कि बरेली जिले के थाना विशारतगंज क्षेत्र के कई गांवों के लगभग 20 लोगों के साथ ठगी कर ली गई। आरोप है कि शाहबाद नगर क्षेत्र का एक युवक विशारतगंज क्षेत्र के गांव के लोगों के संपर्क में आया और 1.20 लाख रुपये में बाइक, फर्नीचर और बर्तन समेत दहेज का अन्य सामान दिलवाने की बात कही। गांव के लोग शाहबाद के युवक के झांसे में आ गए। उसने अलग-अलग दिनों में लगभग 20 लोगों को 1.20 लाख रुपयों में दहेज का सामान दिलवा दिया।
इसके बाद लोगों ने बताया कि आरोपी युवक ने कहा कि 80 हजार की बाइक और बाकी 40 हजार में सामान दिलवाया जाएगा। उसने गांव वालों को प्रलोभन दिया कि 1.20 लाख में से भी, 55 हजार रुपये की सब्सिडी मिल जाएगी। फर्जी योजना के लालच में लगभग 20 लोग फंस गए। ग्रामीणों ने बताया कि जब बाइक की मासिक किस्त 4200 रुपये लेने के लिए एजेंट घर पहुंचा तो उनके साथ हुई ठगी की पोल खुल गई। आरोप है कि इस गैंग में बरेली के हरदासपुर और शाहबाद में ढकिया के एजेंसी संचालक भी शामिल हैं। जिसके बाद बरेली के विशारतगंज क्षेत्र के वेद प्रकाश, राधा, दिलदार शाह, नईम, जानिश अली, कैलाश, गुड्डू, अताउर्रहमान समेत कई लोग शिकायत लेकर शाहबाद कोतवाली पहुंच गए। तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई है।
शाहबाद के युवक द्वारा हमसे ठगी कर ली गई है। पहले उसने बताया था कि हमारी बेटी की शादी में जो दहेज का सामान दिया जाएगा, वह मात्र एक लाख बीस हजार में मिल जाएगा। उसमें से भी 55 हजार उनके बैंक खाते में सब्सिडी आ जाएगी। लेकिन शादी के तीन महीने के बाद जब एजेंट उनके घर बाइक की किस्त लेने पहुंचा तो ठगी का एहसास हुआ। अब हमने शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
हमने अपनी बिटिया की शादी में शाहबाद के एक युवक से दहेज का सामान लिया था। लेकिन उसने झूठ बोलकर बाइक को फाइनेंस करा दिया। अब किस्त जमा करने के लिए एजेंट हमारे पास आ रहा है। पता चला कि हम ही नहीं, हमारे आसपास गांव के लोग भी ठगे गए हैं। अब हम सब इकट्ठे होकर शाहबाद कोतवाली आए हैं। कार्रवाई की मांग करते हैं।
हमारे रिश्तेदार द्वारा आरोपी ठग युवक से संपर्क कराया गया था। उसी ने कम कीमत में दहेज का सामान देने के लिए कहा, हमने तुरंत हां कर दी। उसने एक लाख बीस हजार में मय बाइक के साथ दहेज का सामान दिलवा दिया। अब एजेंट बाइक की किस्त लेने आया, तो सारी बात सामने आ गई। वो तो अच्छा हुआ हमने बाइक अपने दामाद के नाम नहीं कराई। अगर एजेंट बेटी की ससुराल में किस्त लेने जाता तो हम तो कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं रहते हैं।