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भाकियू जिलाध्यक्ष पर मुकदमे को लेकर भड़के किसान, एमपी-एमएलसी से की मुलाकात

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रामपुर। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद किसानों में रोष है। शुक्रवार को किसान जिलाध्यक्ष के साथ जिला निगरानी समिति की बैठक में पहुंच गए। किसानों ने मुकदमे के संबंध में सांसद और एमएलसी को अवगत कराते हुए नाराजगी जाहिर की। एमएएलसी के समझाने पर किसान बैठक से बाहर चले गए। इसके बाद सांसद और एमएलसी ने किसानों से वार्ता की जिसमें आश्वासन मिलने पर किसान शांत हुए।
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भारतीय किसान यूनियन ने प्रदेश व्यापी आह्वान पर 9 जुलाई को विभिन्न मांगो को लेकर सिविल लाइंस कार्यालय से लेकर कलक्ट्रेट तक बैलगाड़ियों और ट्रैक्टर-ट्राली के साथ जुलूस निकाला गया था। धरना प्रदर्शन के बाद गुरुवार को सिविल लाइंस पुलिस ने इस मामले में भाकियू के जिलाध्यक्ष हसीब अहमद के साथ अन्य कई अज्ञात के खिलाफ निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने का मुकदमा दर्ज कर लिया। जिससे किसानों में आक्रोश फैल गया। शुक्रवार को विकास भवन सभागार में लोकसभा सांसद डा. नैपाल सिंह, एमएलसी डा. जयपाल सिंह व्यस्त और डीएम महेंद्र बहादुर सिंह जिला निगरानी समिति की बैठक कर रहे थे। इसी दौरान गुस्साए किसान बीच बैठक में घुस गए और सांसद से बात करने लगे। जिस पर बीच में टोका तो किसानों ने कहा दिया कि वो जनप्रतिनिधि से बात कर रहे हैं और उन्होंने वोट दिया है तो यह उनका अधिकार है कि वो अपनी बात जनप्रतिनिधि से कहें। मामला गर्माने पर एमएलसी डा. जयपाल सिंह व्यस्त ने किसानों को समझाया और बैठक के बाद उनसे बात करने को कहा। जिस पर किसान वापस चले। बैठक समाप्त होने के बाद किसानों ने पूरे प्रकरण से सांसद व एमएलसी को अवगत कराया। किसानों का कहना था कि प्रदेश कार्यकारिणी के आह्वान पर पूरे प्रदेश में प्रदर्शन हुआ था लेकिन, कहीं मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। किसान हैं तो बैलगाड़ी और ट्रैक्टर-ट्राली से ही पहुंचेंगे। गुस्साए किसानों को एमएलसी व सांसद ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। किसानों ने मुकदमा निरस्त करने की मांग की।
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