रामपुर। नाम-राम किशोर, निवासी सदर तहसील क्षेत्र, पिछड़ा वर्ग वित्त विभाग निगम से मिठाई की दुकान के लिए लोन लिया लेकिन, कारोबार में नुकसान हो गया। अब रामकिशोर फसल ऋण मोचन योजना के तहत कर्जमाफी के लिए आवेदन कर रहे हैं। यह एक उदाहरण मात्र है, कृषि विभाग के पास ऐसे करीब पचास से अधिक आवेदन आ चुके हैं, जिनमें लोन बाइक या अन्य कारोबार के लिए लिया गया और अब कर्जमाफी के लिए आवेदन कर रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने मार्च 2016 से पूर्व के लघु-सीमांत किसानों के एक लाख रुपये तक के कर्जमाफी के आदेश दिए थे। योजना के तहत जिले में करीब 65 हजार किसानों का कर्जमाफ किया जा चुका है। लेकिन, विभाग के लिए अपात्रों के आवेदन लगातार चुनौती बने हुए हैं। जब से जिले में कर्जमाफी योजना लागू हुई है, तब से अब तक करीब 50 से अधिक आवेदक ऐसे हैं जो फसल के कर्जमाफी के लिए आवेदन कर रहे हैं लेकिन, कर्ज फसल के लिए नहीं लिया है। इसमें किसी ने मिठाई की दुकान तो किसी ने बाइक के लिए लोन लिया था। इतना ही नहीं मछली पालन, मधुमक्खी पालन और पशुपालन के लिए लोन लेने वाले लोग भी नुकसान दिखाते हुए कर्जमाफी की गुहार लगा रहे हैं। मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल व कृषि विभाग की वेबसाइट पर इस प्रकार की शिकायतें पहुंच रही हैं। जिसका विभाग को निस्तारण करना पड़ रहा है।