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आोम पर मेहरबान अफसरों पर गाज गिरना शुरू, एसडीएम सदर हटाए गए

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आजम पर मेहरबान अफसरों पर गाज गिरना शुरू, एसडीएम सदर हटाए गए
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रामपुर। पूर्व मंत्री आजम खां पर मेहरबान रहने वाले अफसरों की रामपुर से छुट्टी होना शुरू हो गई है। शासन ने पहले ही चरण में सदर के एसडीएम गजेंद्र सिंह का तबादला कर दिया है। उन्हें सीएम योगी के गृह जनपद गोरखपुर भेजा गया है। आजम पर मेहरबानी दिखाने वाले अभी कई और अफसर शासन के निशाने पर हैं। इनकी भी रामपुर से जल्द ही छुट्टी हो सकती है।
सपा सरकार जाने के बाद भी भाजपा सरकार में जिले के तमाम अफसर पूर्व मंत्री आजम खां पर खासे मेहरबान दिख रहे हैं। बात चाहें जौहर यूनिवर्सिटी मेें जमीन कब्जाने की हो या फिर लोक निर्माण विभाग द्वारा गांवों के आगे बनवाई गई दीवार का मामला हो। इसके साथ ही आजम के स्वार टांडा विधायक पुत्र अब्दुल्ला आजम के चुनाव लड़ने संबंधी विवाद हो। सभी मुद्दों पर अफसर आजम को बचाने में लगे रहे। इस पूरे मामले की शिकायत इंडियन इंड्रस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष आकाश सक्सेना ने मुख्यमंत्री से की। उनका आरोप था कि प्रशासनिक अफसर शिकायतों की जांच भी ठीक ढंग से नहीं कर रहे हैं,जिसकी वजह से साफ दिख रहा है कि अफसर आजम पर खासे मेहरबान हैं। उन्होंने इस मामले में सीएम से कार्रवाई की मांग रखी थी। दिवाली निपटने के साथ ही शासन ने शनिवार को कई अफसरों को इधर उधर कर डाला। पहले चरण में 35 पीसीएस अफसरों का तबादला किया गया है,जिसमें सदर एसडीएम गजेंद्र सिंह भी शामिल हैं। गजेंद्र सिंह की रामपुर से छुट्टी कर दी गई है। उन्हें सीएम योगी के गृह जनपद गोरखपुर भेजा गया है। यहां पर राकेश कुमार द्वितीय की तैनाती की गई है। गजेंद्र सिंह के लिए 23 अक्तूबर को गोरखपुर ज्वाइन करने के आदेश दिए गए हैं। आईआईए के अध्यक्ष ने कहा कि अभी कई और अफसरों के रामपुर से तबादले होंगे। कई अफसर पूर्व मंत्री पर ज्यादा ही मेहरबान हैं।
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अधिशासी अभियंता तबादले के बाद भी जमे
रामपुर। अ धीशासी अभियंता विद्युत एसके पांडेय भी जौहर विश्वविद्यालय को फायदा पहुंचाने के आरो पी अफसरों में से हैं। इनका तबादला भी एक सप्ताह पहले मेरठ हो चुका है। लेकिन अभी तक यह रामपुर में ही जमे हैं। इनके स्थान पर आने वाले अधिशासी अभियंता सचिन सिंह भी अभी ज्वाइन करने नहीं आए हैं। एसके पांडेय के तबादले के बाद भी रामपुर में ही जमे रहने से यह चर्चाएं भी खूब हो रही हैं कि अभी आजम पर मेहरबान अफसरों को भाजपाई नहीं हटवा पा रहे हैं। एसके पांडेय का रिलीव न होना भी जांच का विषय साबित हो सकता है। क्योंकि जौहर विवि को जाने वाली बिजली की लाइनों को जमीन में रातों रात दबा देने का आरोप लगा था।
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बी प्रसाद को एसडीएम सदर की जिम्मेदारी, टांडा और शाहबाद भी बदले
रामपुर। एसडीएम सदर गजेंद्र सिंह के गोरखपुर तबादले के बाद डिप्टी कलेक्टर बी प्रसाद को एसडीएम सदर की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि टांडा के एसडीएम प्रेमचंद को शाहबाद और शाहबाद के एसडीएम सत्यपाल सिंह को टांडा का एसडीएम बना दिया गया है।
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