रामपुर। शनिवार को सूर्य ग्रहण के कारण लोगों ने सावधानियां बरतीं। सूतक काल में मंदिरों के कपाट बंद रहे। सूर्य ग्रहण के साथ ही शनि अमावस्या भी थी, जिस कारण लोगों ने दान भी प्रमुखता से किया।
सूर्यग्रहण दोपहर 1 बजकर 32 मिनट पर शुरू हुआ और शाम करीब 5 बजकर 1 मिनट तक रहा। इस कारण सूतक रात में ही लग गया। लोगों ने सूतक के कारण घर-मंदिरों में पूजा नहीं की, साथ ही मंदिरों के कपाट बंद रहे। हालांकि सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं दिया लेकिन इसके असर को लेकर लोगों ने पूरी सावधानी बरती। लोगों को खाने-पीने की वस्तुओं में तुलसी के पत्ते रखे, जिससे ग्रहण का प्रभाव न हो। ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों में साफ-सफाई कर कपाट खोले गए और पूजन कर भोग लगाया गया। पंडित नवनीत शर्मा ने बताया कि ग्रहण भारत में दिखाई नहीं दिया है, लेकिन इसके बचाव के लिए कार्य किए जाने जरूरी थे। इसके साथ ही लोगों ने शनि अमावस्या को लेकर भी दान किया और शनि देवी का ध्यान कर कष्टों से मुक्ति की कामना की।