ठियोग (रामपुर बुशहर)।
ठियोग शहर में गंदगी की समस्या हल होने का नाम नहीं ले रही है। नगर परिषद के सात वार्डों में रोज करीब छह कचरे की गाड़ियां निकलती हैं। लेकिन 11 दिनों से शहर की इस गंदगी को नहीं उठाया जा रहा है। ऐसे में शहर और सड़के के किनारे कूड़ा-कचरा सड़ रहा है। शाली बाजार में लगे कूड़ेदान के बाहर पड़ी गंदगी में लोगों को मजबूरन आवाजाही करनी पड़ रही है। वार्ड नंबर तीन, चार, पांच और सब्जी मंडी के पास पड़े कूड़ेदान गंदगी से भरे पड़े हैं। चारों ओर फैली गंदगी से बदबू आ रही है।
जनोघाट में कूड़ा जलाने की पाबंदी के बाद समस्या गंभीर हो गई है। नप के पास कूड़ा ठिकाने लगाने के लिए अन्य विकल्प भी नहीं है। स्थानीय प्रशासन और सरकार के नुमाइंदे समस्या को लेकर गंभीर नहीं है। व्यापार मंडल ठियोग के अध्यक्ष अजय ने बताया कि शहर में फैल रही गंदगी के कारण बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। दीवाली में तो और कूड़ा-कचरा होगा। ऐसे में समस्या और बढ़ जाएगी। रिदम ब्वॉयज संस्था के अध्यक्ष विनित सूद ने बताया कि शहर में पड़ी गंदगी के कारण व्यापारियों को कारोबार करने में परेशानी हो रही है। शहरी कांग्रेस उपाध्यक्ष रविंद्र सिंह ने बताया कि शहर की इस गंभीर समस्या को लेकर क्षेत्र की विधायक विद्या स्टोक्स को अवगत करवाया जाएगा। सीपीआईएम नेता राकेश सिंघा ने बताया कि एनजीटी ने जो फैसला लिया है, वह व्यवहारिक नहीं है। बिना कोई विकल्प दिए हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है। उन्होंने बताया कि शहर के इस गंभीर मुद्दे को लेकर औचक बैठक कर एक एनजीओ का निर्माण कर कोई विकल्प निकाला जाएगा। सिंघा ने बताया कि महामारी फैलने पर अगर कोई जानी नुकसान हुआ तो इसके लिए एनजीटी जिम्मेदार होगा।
नप जल्द उठाए कदम : ताशी
उपमंडलाधिकारी ताशी संडूप ने बताया कि शहर की गंदगी को नगर निगम ने शिमला में लाने के लिए स्वीकृति दे दी है। इस बात को नप को प्राथमिकता से लेते हुए जल्द से जल्द कदम उठाना चाहिए।
एनजीटी से मांगेंगे समय : शांता
नगर परिषद ठियोग की अध्यक्ष शांता शर्मा ने बताया कि एनजीटी से मांग की जाएगी कि नगर परिषद को समय दें, ताकि कोई विकल्प तलाश जा सके।