रामपुर। परिषदीय स्कूलों के अंदर भी लौकी-तुरई समेत अन्य मौसमी सब्जियों की खेती होगी। इतना ही नहीं अपने स्कूल में उगी इन सब्जियों को ही बच्चे मिड डे मील में खाएंगे भी। इसके साथ ही स्कूल परिसर को सुंदर बनाने से लेकर व्यवसायिक उपयोग तक के लिए फूलों की खेती भी की जाएगी। जिससे रोजगार और पौष्टिक भोजन दोनों का आधार तैयार होगा।
परिषदीय स्कूलों में बच्चों को मध्यान भोजन वितरित किया जाता है। इसके लिए मेन्यू के अनुसार सब्जी की खरीदारी बाजार से होती है। लेकिन, अब शासन की मंशा है कि बच्चे अपने ही स्कूल में पैदा की गई सब्जियों का सेवन मिड डे मील में करें। जिससे भोजन की पौष्टिकता सुनिश्चित हो सके। इसके लिए मध्यान्न भोजन परियोजना के निदेशक अब्दुल समद ने सभी बेसिक शिक्षाधिकारियों को आदेश जारी कर कहा कि स्कूलों में खाली जगह को बेकार छोड़े जाने की जगह उस पर सब्जियों और फूलों की खेती की जाए। इसके लिए शिक्षा समिति और ग्रामीणों का सहयोग लिया जाए। सब्जी का प्रयोग मिड डे मील में करने के साथ ही फूलों और सब्जियों को उगाने में सहयोग करने वाले ग्रामीणों के लिए भी इसे रोजगार के रूप में विकल्प बनाया जाएगा। इस पर बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को आदेश जारी कर स्कूलों में किचन गार्डन बनवाने के लिए कहा है।