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सरकार के खिलाफ उतरे शिक्षामित्र, अर्धनग्न होकर किया प्रदर्शन

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शिक्षामित्रों ने अर्धनग्न होकर किया प्रदर्शन
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रामपुर। शिक्षक की बजाय शिक्षामित्रों के मूल पद पर वापस करने के सरकार के फैसले के विरोध में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और जोरदार नारेबाजी की। अंबेडकर पार्क से लेकर कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाला। इसके साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
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शिक्षामित्रों के समायोजन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब प्रदेश सरकार ने भी शिक्षामित्रों को मूल पद पर वापस कर दिया है। साथ ही दस हजार रुपये मानदेय भी तय कर दिया है। शिक्षामित्र सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। इसको लेकर गुरुवार को शिक्षामित्र सिविल लाइंस स्थित अंबेडकर पार्क पर एकत्र हुए और नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। शक्षामित्रों ने अपनी शर्ट उतार दीं और अर्धनग्न हो गए। यहां से जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंच गए। शिक्षामित्रों का आरोप था कि 23 अगस्त को लेकर सरकार और संगठन के बीच हुई वार्ता के बाद सरकार ने शिक्षामित्रों के मांगपत्र पर विचार करने की बात कही थी, उसके बाद शिक्षामित्रों ने आंदोलन स्थगित कर दिया था। 30 अगस्त को संगठन के पदाधिकारियों और सरकार के बीच में समान कार्य-समान वेतन पर सहमति बनी थी। इसके विपरीत सरकार ने पांच सितंबर को शिक्षामित्रों का दस हजार रुपये मानदेय निर्धारित करने का प्रस्ताव कैबिनेट से पास करा लिया, जिससे प्रदेश के दो लाख परिवार आहत हैं। सरकार ने शिक्षामित्रों के जले पर नमक छिड़कने का काम किया है। सरकार ने शिक्षामित्रों का मामला सुलझाने का झूठा वायदा कर सरकार बना ली। उन्होंने दस हजार रुपये मानदेय का निर्णय निरस्त कर प्रतिनिधि मंडल से हुई वार्ता के अनुरूप प्रस्तावों पर ही निर्णय करने की मांग की है। इससे पहले उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट ओमप्रकाश को सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में सैय्यद जावेद मियां, अरविंद गोस्वामी, होरीलाल सैनी, दाऊद हसन पाशा, हरीश कुर्मी, जहांगीर आलम, कविता शर्मा, अंजु यादव, रहमत अली आदि शामिल रहे।
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