भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की शुक्रवार को जीआईसी मैदान में विजय शंखनाद रैली होगी। रैली की पूर्व संध्या पर पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता कल्याण सिंह ने कहा कि राम मंदिर मुद्दा पार्टी के चुनावी एजेंडे में नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह सांस्कृतिक व राष्ट्रवादी मुद्दा है। देश का 95 प्रतिशत हिंदू मंदिर का निर्माण चाहता है। बीजेपी इस मुद्दे को साथ लेकर अन्य बड़े मुद्दों को ओझल नहीं करना चाहती है।
कल्याण बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दिसंबर तक प्रत्याशियों की पहली सूची जारी हो जाएगी।
वर्ष 2014 का लोकसभा चुनाव वोट क्रांति के रूप में जाना जाएगा, इससे एक स्वाभिमानी भारत का निर्माण होगा।
राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली व छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनावों के परिणाम पार्टी के पक्ष में आंधी बनकर आएंगे, लोकसभा के मतदान तक यही आंधी तूफान का रूप ले लेगी।
मोदी की रैलियां बता रही हैं कि जनता 1977 की तरह परिवर्तन चाहती है। लोकसभा चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलना तय है। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने पर देश की राजनीति व आर्थिक स्थिति को नई दिशा मिलेगी। चुनाव में पार्टी का एजेंडा विकास, भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा व किसानों की बदहाली होगा।
प्रदेश सरकार पर निशाना
प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यूपी में जंगलराज कायम है। जनता सपा के गुंडाराज व बसपा के लूट राज से परेशान हो चुकी है। जब से सपा की सरकार आई है, प्रदेश में तीन दर्जन दंगे हो चुके हैं। मुजफ्फरपुर दंगे में एक तरफा कार्रवाई की जा रही है।
यहां की शिक्षा प्रणाली के कारण युवा पीढ़ी का भविष्य भी चौपट हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि बुंदेलखंड की चारों सीटें भाजपा के खाते में आएंगी। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर बुंदेलखंड का विकास होगा।
दिल्ली में आकर गिड़गिड़ाए थे मुलायम और अमर
समाजवादी पार्टी में रहते हुए उन्हें क्या अनुभव हुए के सवाल पर उन्होंने कहा कि दिल्ली में मुलायम सिंह व अमर सिंह उनके पास सहायता के लिए गिड़गिड़ाए थे। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई सगा नहीं, जिसको मुलायम ने ठगा नहीं।
मुद्दा नहीं है तो भावुक हो रहे राहुल
कल्याण सिंह ने राहुल के भावनात्मक भाषण पर कहा कि कांग्रेस के पास भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी, अशिक्षा, गरीबी जैसे मुद्दों पर कोई जवाब नहीं है। इस कारण राहुल जनता के बीच भावनात्मक बातें कर रहे हैं। उन्होंने सलाह दी कि राहुल को भाषण तैयार करने वाले को बदल देना चाहिए।