आजम खां एफआईआर यात्रा के तहत जिले में पहुंचे राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने आजम खां से लेकर सपा, बसपा पर जमकर निशाना साधा। एक ओर जहां उन्होंने बुआ-बबुआ की सरकार में सवर्णों पर होने वाले अत्याचार को लेकर लोगों को चेताया तो वहीं दूसरी ओर यूपी पुलिस के डीजीपी को सपा का खास बताया।
मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय रामपुर में आजम खां के कुलपति बनने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना ही गलत तरीके से हुई है। आखिर तीन दिन के राज्यपाल ने इसके लिए कैसे अनुमति दे दी। उन्होंने सूचना के अधिकारी से इसके सारे दस्तावेज मांगे हैं। दस्तावेज मिलते ही वे कोर्ट में अपील करेंगे। आखिर एक सार्वजनिक विश्वविद्यालय को को पीढ़ी दर पीढ़ी कि एक व्यक्ति के आधिपत्य में कैसे दिया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आजम खां बयान देते हैं कि जब तक हिंदुओं की बेटियों को तेजाब से जलाया नहीं जाएगा तब तक मुस्लिम सुरक्षित नहीं है, लेकिन इसके बाद भी मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बिना एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी।
इससे ये पता चलता है कि यूपी पुलिस क्या कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर आजम का बस चले तो वे हिंदुओं से जजिया वसूल करें। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह पर भी वे हमलावर रहे। उन्होंने कहा कि ओपी सिंह मुलायम सिंह और प्रोफेसर रामगोपाल के दाहिने हाथ हैं। अगर डीजीपी मुख्यमंत्री का आदेश नहीं मानते हैं तो हम ये लड़ाई सड़क पर लाएंगे।
आजम ने नहीं ली बलि
उन्होंने कहा कि वह रामपुर गए थे, लेकिन आजम खां ने मेरी बलि नहीं ली, इसके लिए मैं उनका ऋणी हूं। जब उनसे मोदी जी और राहुल गांधी के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मोदी जी शिखर हैं और राहुल अभी सीख रहे हैं। मोदी जी का गुरुत्वाकर्षण खुद राहुल को उनके पास खींच लाया। उन्होंने भरे सदन में मोदी जी को गले लगाया, जो सारी दुनिया ने देखा। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बेहतर प्रबंधन की प्रशंसा की।
एससी-एसटी संशोधन को बताया गलत
एससी-एसटी संशोधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये संशोधन गलत हुआ है। जब सर्वोच्च न्यायालय ने अपना निर्णय दे दिया था तो इसमें दोबारा सरकार को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए था। भाजपा सरकार में इसका दुरुपयोग नहीं हो रहा है, अगर बुआ और बबुआ की सरकार आ गई तो इसका दुरुपयोग जरूर होगी। इस दौरान युवा हिंदू वाहिनी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष पंकज कुशवाह, दीपक अग्निहोत्री, प्रदीप कुमार समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।