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24 सितंबर से दो दिवसीय दौरे पर अमेठी जाएंगे राहुल गांधी, दर्जन भर कार्यक्रमों में करेंगे शिरकत

Fri, 21 Sep 2018 04:29 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 24 सितंबर को अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र अमेठी का दो दिवसीय दौरा करेंगे। इस दौरान वह आम जनता से मुलाकात के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद वह जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक में भाग लेंगे। जानकारी के मुताबिक वह यहां सांसद निधि से हुए कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे। 
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कांग्रेस जिलाध्यक्ष योगेंद्र मिश्रा ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि राहुल गांधी 24 को अमेठी आ जाएंगे। 25 सितंबर को वह गेस्ट हाउस में आम लोगों से मुलाकात करेंगे और पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। इस कार्यक्रम के बाद वह कलेक्ट्रेट में होने वाली जिला सतर्कता एवं निगरानी की समिति की बैठक में भी हिस्सा लेंगे। इसके अलावा वह करीब एक दर्जन कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। मिश्रा ने बताया कि अभी उनके अन्य कार्यक्रमों का विवरण मिला नहीं है। 

स्मृति की सक्रियता तो कारण नहीं!

राहुल के इस दौरे के बारे में कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने यह निर्णय अमेठी में भाजपा की केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के बढ़ती सक्रियता के चलते लिया है। बता दें कि 2014 में लोकसभा चुनाव हारने के बावजूद ईरानी अमेठी में लगातार सक्रिय हैं। हाल ही में केंद्रीय मंत्री ने अपने अमेठी दौरे के दौरान यहां खादी ग्रामोद्योग की ओर से आलू फैक्ट्री लगवाने की घोषणा भी की थी। इसके साथ ही ईरानी ने तिलोई में दो सौ बेड के अस्पताल का उद्घाटन भी किया था। 

बता दें कि इससे पहले राहुल गांधी ने बीती चार जुलाई को अमेठी का दो दिवसीय दौरा किया था। दौरे के दूसरे दिन कांग्रेस नेता ने जनता दरबार लगा लोगों की समस्याएं सुनीं थीं और उनका निस्तारण किया था।
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मायावती के छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश में झटकों के बाद यूपी को कैसे साधेंगे राहुल

अभी तक छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनावों में बहुजन समाज पार्टी से गठबंधन की उम्मीद लगाए बैठी कांग्रेस को कल यानी 20 सितंबर को बसपा सुप्रीमो मायावती ने करारा झटका दिया था। एक ओर जहां बसपा ने छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का एलान किया वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश में सभी सीटों पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का निर्णय किया। मध्य प्रदेश में तो 22 सीटों पर बसपा ने उम्मीदवार भी घोषित कर दिए। 

अब सवाल यह है कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बाद मायावती उत्तर प्रदेश में होने वाले महागठबंधन से भी किनारा कर सकती हैं। अगर ऐसा होता है तो एक बड़ा वोट शेयर महागठबंधन के हाथ से निकल जाएगा, जो कांग्रेस के लिए काफी नुकसानदायक सिद्ध हो सकता है। इन स्थितियों में राहुल गांधी किस तरह चुनाव की रणनीति बनाते हैं यह देखने वाला विषय होगा। 
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